{"_id":"5dc95fd58ebc3e5b6e7f3775","slug":"jindal-stainless-clocks-profit-of-52-crore-rupees-in-second-quarter","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिमाही नतीजेः जिंदल स्टेनलेस को हुआ 52 करोड़ रुपये का मुनाफा","category":{"title":"Corporate","title_hn":"कॉरपोरेट","slug":"corporate"}}
तिमाही नतीजेः जिंदल स्टेनलेस को हुआ 52 करोड़ रुपये का मुनाफा
Mon, 11 Nov 2019 06:49 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Mon, 11 Nov 2019 06:49 PM IST
विज्ञापन
Steel
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (जेएसएल) को दूसरी तिमाही में 52 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज हुआ है। कंपनी की शुद्ध आय 3,170 करोड़ रुपये रही। वहीं साल दर साल आधार पर बिक्री में 13 फीसदी का उछाल देखने को मिला और यह बढ़कर 2,33,328 टन रही। उक्त अवधि में एबिट्डा 317 करोड़ रुपये रहा।
विज्ञापन
तिमाही दर तिमाही के आधार पर एबिट्डा और आय लगभग दूसरी तिमाही में कर पश्चात् मुनाफा 52 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में 36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। 30 सितम्बर 2019 को समाप्त तिमाही के दौरान पिछले साल के मुकाबले शुद्ध ब्याज में 14 करोड़ रुपये की गिरावट आयी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विशिष्ट लाभ सात करोड़ रुपये दर्ज हुआ, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
विज्ञापन
जेएसएल के वित्तीय प्रदर्शन के बारे में कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, "कारोबारी रूझान असामान्य रहने के बावजूद जेएसएल परिचालनात्मक मानकों और आंतरिक लागत दक्षता में निरंतर सुधार के जरिये मजबूत प्रदर्शन बरकरार रखने में कामयाब रहा। वैश्विक रूझान में नरमी और पिछले कुछ महीनों से इंडोनेशिया से आयत में भारी बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव बना रहा है।
विज्ञापन
उक्त तिमाही के दौरान अलॉय की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव रहा। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान निकल की कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई जबकि फेरो क्रोम और माइल्ड स्टील स्क्रैप की कीमत घटी जिससे इन्वेंटरी मूल्यांकन के लिहाज से कच्चे माल की कीमत में उतार-चढ़ाव को प्रभावहीन बना दिया।
वृहद-आर्थिक हालात चुनौतीपूर्ण होने के कारण वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के दौरान मार्जिन दबाव में रहा और आयात में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के दौरान इंडोनेशिया से 1.41 लाख टन का आयात हुआ जो पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि में हुए 8,162 टन के आयत के मुकाबले 16 गुना अधिक है। इसके मद्देनजर मौजूदा मुक्त व्यापार संधियों (एफटीए) की समीक्षा के जरूरत पैदा हो गई है और उद्योग ने सरकार से मांग की है कि वह व्यापार सुधारात्मक पहलों के साथ हस्तक्षेप करे ताकि ऐसे समय में देश में अत्यधिक मात्रा में आयात पर लगाम लगे जबकि अन्य देशों ने अपने हितों की सुरक्षा कर ली है।