इंफोसिस ने व्हिसिलब्लोअर मामले को बताया आधारहीन, शेयर के दाम बढ़े
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दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने व्हिसिलब्लोहर मामले को आधारहीन बताते हुए कहा है कि उसे शिकायत की जांच करते वक्त किसी भी तरह का कोई सबूत नहीं मिला है। कंपनी के इस बयान के बाद शेयर बाजार में इसके शेयरों में 6.5 फीसदी का उछाल देखने को मिला।
दो नवंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को लिखे पत्र में कंपनी ने कहा कि जांच के दौरान कोई भी तथ्य या फिर सबूत सामने नहीं आया, जो यह साबित करता हो कि सलिल पारेख ने नियमों का उल्लंघन करते हुए बड़ी डील की हो, और उससे कंपनी को वित्तीय तौर पर नुकसान हुआ है।
पिछले महीने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक ने भी इस मामले को लेकर के जांच शुरू की थी। व्हिसिलब्लोअर का आरोप था कि पारेख ने कंपनी की आय और लाभ बढ़ाने के लिए अनुचित तरीकों का प्रयोग किया था। इंफोसिस चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि 20 सितंबर को मिली व्हिसिलब्लोअर की शिकायत को 10 अक्तूबर को ऑडिट समिति के सामने रखा गया। हालांकि एक अन्य शिकायत को भी समिति के सामने रखा गया था जिस कोई तारीख नहीं थी।
30 सितंबर को मिली थी शिकायत
नीलेकणी के बयान के मुताबिक, कंपनी बोर्ड के एक सदस्य को यह शिकायत 30 सितंबर को मिली। उन्होंने कहा था कि दोनों ही शिकायतों को 11 अक्तूबर को बोर्ड के गैर कार्यकारी सदस्यों के सामने रखा गया था। इसी दिन कंपनी ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। 22 अक्तूबर के ‘बयान’ शीर्षक से किए गए एलान में नीलेकणी ने कहा कि इंफोसिस को व्हिसलब्लोअर की शिकायतें मिली हैं।