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कारोबार सुगमता बढ़ाकर भारत ला सकता है 4 लाख करोड़ का एफडीआई

Wed, 29 May 2019 03:49 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर/दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर/दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Wed, 29 May 2019 03:49 AM IST
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India can fetch Rs 4 lakh crore FDI
कारोबार सुगमता में सुधार और आधारभूत ढांचे के निर्माण से भारत अपनी जीडीपी के अनुपात में करीब 2 फीसदी तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित कर सकता है। जापान की शीर्ष वित्तीय सेवा एजेंसी नोमुरा का कहना है कि अमेरिका-चीन में जारी व्यापार युद्ध एफडीआई के मोर्चे पर भारत के लिए बड़ा मौका है।
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सिंगापुर में चल रहे एशिया निवेश मंच पर नोमुरा की मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने मंगलवार को कहा कि बढ़ते व्यापार युद्ध के परिदृश्य में भारत के पास दुनियाभर की कई कंपनियों को अपने यहां निवेश के लिए आकर्षित करने का मौका है।
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हमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि वह अपनी जीडीपी (181 लाख करोड़) के अनुपात में 1.5-2 फीसदी का एफडीआई लाने की स्थिति में है, जो अभी तक 1 से 1.5 फीसदी के बीच रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े घरेलू उपभोक्ता बाजार के बूते भारत अभी सबसे अच्छी स्थिति में है, लेकिन इसके लिए सरकार को दो चीजों पर जोर देना होगा।
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इसमें पहला है आधारभूत ढांचे का निर्माण करना और दूसरा कारोबार सुगमता में और सुधार लाना। चीन ने भी इन दोनों क्षेत्रों में बड़े सुधार के बूते वर्ष 2000 के बाद अपनी जीडीपी के अनुपात में करीब 2 फीसदी का एफडीआई प्राप्त किया था। 

 

कई कंपनियां इंतजार में

India can fetch Rs 4 lakh crore FDI

नोमुरा के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापारिक तनाव के चलते कई विदेशी कंपनियां चीन और अमेरिका में जोखिम का आकलन कर रही हैं। वे अपने कारोबार को किसी नए स्थान पर ले जाने पर जल्द ही फैसला कर सकती हैं।

ऐसे में भारत के पास सबसे बेहतरीन मौका है। एनडीए सरकार की वापसी से राजनीतिक जोखिम भी नहीं रहा। अगर आर्थिक वातावरण में और सुधार आता है तो निश्चित तौर पर एफडीआई के मोर्चे पर भारत को लाभ मिलेगा।

छह साल में पहली बार घटा एफडीआई
पिछले छह वर्षों में पहली बार 2018-19 में भारत का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 1 फीसदी कम हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में कुल एफडीआई 44.37 अरब डॉलर रहा। टेलीकॉम और फार्मा क्षेत्र के निवेश में भारी कमी आई है।

इससे पहले 2017-18 में कुल 44.85 अरब डॉलर का एफडीआई आया था। वित्त वर्ष 2012-13 के बाद से देश का एफडीआई लगातार बढ़ता रहा और सातवें साल इसमें गिरावट आई है। टेलीकॉम क्षेत्र में एफडीआई 2017-18 के 6.21 अरब डॉलर के मुकाबले 2018-19 में महज 2.67 अरब डॉलर रहा।

मोदी की जीत पर 21.63 अरब डॉलर निवेश
23 मई को आम चुनाव का परिणाम आने के दूसरे दिन ही विदेशी निवेशकों ने 21.63 अरब डॉलर का निवेश भारतीय बांड में किया। यह पिछले दो महीने में एक दिन का सबसे ज्यादा विदेशी निवेश रहा है। चुनाव परिणाम के असर से 10 साल का बेंचमार्क 7 आधार अंकों की गिरावट के साथ 7.16 फीसदी पर पहुंच गया और देश में कर्ज की मांग बढ़ने की उम्मीद में विदेशी निवेशकों ने जमकर पैसे लगाए। घरेलू बांड का यह अप्रैल 2018 के बाद सबसे निचला स्तर है, जो 7 फीसदी पर पहुंच सकता है।

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