एयर इंडिया के पायलटों को दो-तीन साल से समय पर नहीं मिल रहा वेतन, उड्डयन मंत्री को लिखा पत्र
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गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही एयर इंडिया के पायलटों और कमांडरों को दो से तीन सालों से उड़ान भत्ता और वेतन समय पर नहीं मिल रहा है। इस संदर्भ में इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन ( ICPA ) ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र भी लिखा है। पत्र में पुरी से पायलटों और कमांडरों के लंबित बकाए का भुगतान करने को कहा गया है।
Indian Commercial Pilots Association (ICPA) has written to Civil Aviation Minister Hardeep Singh Puri, asking him to clear pending dues of pilots and commanders of Air India who they claim have not been paid flying allowances and salaries on time in the recent 2-3 years
— ANI (@ANI) December 24, 2019विज्ञापन
एयर इंडिया में अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
इससे पहले हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि सरकार ने एयर इंडिया के प्रस्तावित विनिवेश की प्रक्रिया के तहत उसमें अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। एयर इंडिया पर 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। वह लंबे समय से नुकसान में चल रही है और इसके पुनरुद्धार के प्रयासों के तहत सरकार ने विनिवेश का निर्णय लिया है।
2018-19 में हुआ था घाटा
एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2018-19 में 8,556.35 करोड़ रुपये का अनुमानित घाटा हुआ था। वहीं एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी के साथ-साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस और विमानन कंपनी के संयुक्त उपक्रम एआईएसएटीएस में सरकार की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के लिए एयर इंडिया विशेष वैकल्पिक व्यवस्था (एआईएसएएम) को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने पांच दिसंबर को कहा था कि सरकारी विमान कंपनी में 2011-12 से अब तक 30,520.21 करोड़ रुपये की पूंजी लगाई जा चुकी है।
एयर इंडिया के सीएमडी ने लिखा था पत्र
पिछले महीने सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र विमानन कंपनी एयर इंडिया के सीएमडी अश्विनी लोहानी ने खुला पत्र लिखकर कहा था कि, 'एक एयरलाइन होने के नाते हम एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करते हैं। हमारे प्रतियोगी प्रक्रियाओं और प्रतिबंधों से विवश नहीं हैं। हम आर्थिक रूप से और साथ ही परिचालन में बाधा से सामना करते हैं।'