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ICICI बैंक-वीडियोकॉन मामला: SC ने खारिज की चंदा कोचर की याचिका, जानिए क्या है मामला
Tue, 01 Dec 2020 01:02 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 01 Dec 2020 01:02 PM IST
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चंदा कोचर
- फोटो : ANI
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को आईसीआईसीआई की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने बैंक से उन्हें बर्खास्त करने के खिलाफ दायर अर्जी को बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा अस्वीकार किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी।
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मामले में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि, 'माफ कीजिए, हम उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने को इच्छुक नहीं हैं।' शीर्ष अदालत ने कहा कि, 'यह मामला निजी बैंक और कर्मचारी के बीच का है।'
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पीठ चंदा कोचर की अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा पांच मार्च को दिए आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने आईसीआईसीआई बैंक के प्रबंधक निदेशक और सीईओ पद से बर्खास्त करने के खिलाफ अर्जी खारिज कर दी थी और साथ ही रेखांकित किया था कि विवाद कार्मिक सेवा की संविदा से उत्पन्न हुआ है।
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नौकरी से निकाले जाने के निर्णय को चुनौती देते हुए कोचर ने 30 नवंबर 2019 को उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। उनके वकील विक्रम नानकनी ने दलील दी थी कि बैंक ने कोचर के स्वैच्छिक इस्तीफे को पांच अक्तूबर 2018 को ही स्वीकार कर लिया था। इसलिए बाद में उन्हें नौकरी से निकाला जाना अवैध है।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय ने इस साल की शुरुआत में चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर, धूत और अन्य के खिलाफ आईसीआईसीआई द्वारा वीडियोकॉन समूह को 1,875 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी देने के मामले में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के लिए पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने सबूतों की तलाश के लिए एक मार्च को छापेमारी भी की थी।
सीबीआई ने वेणुगोपाल धूत की कंपनी सुप्रीम एनर्जी और दीपक कोचर की एक कंपनी का जिक्र एफआईआर में किया था। धूत ने कथित रूप से दीपक की कंपनी न्यूपावर रिन्यूवेबल्स लिमिटेड में अपनी कंपनी सुप्रीम इनर्जी के माध्यम से निवेश किया था जिसके बदले में चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक से ऋण को मंजूरी दिलाई।