DHFL समेत 20 कंपनियों के खिलाफ जारी किया लुकआउट नोटिस
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कॉर्पोरेट मंत्रालय (एमसीए) ने गृह मंत्रालय और सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) के सहयोग से 20 कंपनियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। इसमें नॉन बैंकिंग व होम लोन देने वाली कंपनी डीएचएफएल के प्रवर्तक भी शामिल हैं।
नहीं मिली कंपनियां
एमसीए ने अपनी जांच में पाया कि डीएचएफएल के पते पर कई ऐसी कंपनियां चल रही थीं, जिनका अस्तित्व ही नहीं था। इसके बाद एमसीए ने डीएचएफएल के मालिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के लिए गृह मंत्रालय को लिखा।
10 साल से चल रहा था फ्रॉड
कंपनी के मालिक फिलहाल विलफुल डिफॉल्टर हैं। इन्होंने बैंक के फंड से निजी तौर पर बाहर के देशों में पैसा लगाया। यह काम पिछले 10 सालों से चल रहा था, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। कंपनी पर यह भी आरोप है कि उसने 31 हजार करोड़ रुपये का घपला किया है।
इन लोगों का नाम है शामिल
जिन लोगों के खिलाफ मंत्रालय ने लुकआउट नोटिस जारी किया है उनमें कपिल वधावन, अरुणा वधावन और धीरज वधावन शामिल हैं। डीएचएफएल का शेयर पिछले एक साल में करीब 82 फीसदी गिर गया है। निवेशकों को अब तक 54 फीसदी का नुकसान हो गया है। फिलहाल इसका शेयर 114.80 रुपये का है।
सरकार ने अन्य कंपनियों पर कसा शिकंजा
सरकार ने कंपनियों, प्रमोटरों, गंभीर धोखाधड़ी और अनियमित लेनदेन से जुड़े निदेशकों पर शिकंजा कसने का फैसला किया है। एमसीए ऐसे लोगों के भागने की आशंका को ध्यान में रखते हुए लुक आउट सर्कुलर जारी करता रहेगा। 20 से अधिक नामों का सुझाव दिया है जिनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। सूत्रों ने कहा कि लुकआउट नोटिस पैसे की कमी से जूझने के संदेह के आधार पर जारी होगा।