जल्द बिकेगा एयर इंडिया का मुख्यालय, 48 हजार से ज्यादा का है कर्ज, कर्मियों को मिलेगा वेतन
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सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया मुंबई के पॉश नरीमन प्वाइंट इलाके में स्थित अपनी 23 मंजिली ऐतिहासिक इमारत ‘एयर इंडिया भवन’ को बेचकर कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे जुटाएगी। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कही, जो एयर इंडिया के विनिवेश के लिए बनाये गए मंत्री समूह के सदस्य भी हैं।
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सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया मुंबई के पॉश नरीमन प्वाइंट इलाके में स्थित अपनी 23 मंजिली ऐतिहासिक इमारत ‘एयर इंडिया भवन’ को बेचकर कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे जुटाएगी। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कही, जो एयर इंडिया के विनिवेश के लिए बनाये गए मंत्री समूह के सदस्य भी हैं।
अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में नितिन गडकरी ने बताया कि इस समय एयर इंडिया को कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में दिक्कत हो रही है, इसलिए उसे पैसे की जरूरत है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए उसकी मुंबई के नरीमन प्वाइंट इलाके की 23 मंजिली इमारत बेची जाएगी। इसे नौवहन मंत्रालय के तहत काम करने वाला जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) खरीदेगा।
चल रहा है कीमत आंकने का काम
उन्होंने बताया कि इस समय जहाजरानी मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से इस इमारत की कीमत आंकने का काम चल रहा है। उम्मीद है कि एक-आध सप्ताह में ही कुछ खबर आ जाए। उनका कहना है कि नरीमन प्वाइंट का एयर इंडिया भवन देश की शान है और इससे उनका भावनात्मक जुड़ाव है। इसलिए वह चाहते हैं कि इसे जेएनपीटी खरीद ले। यह भवन 1974 में बना था।
एयर इंडिया को किसी भी कीमत पर बेचने की मंशा नहीं
तभी तो बीते 31 मई की तारीख गुजर जाने के समय तक इसे खरीदने के लिए कोई खरीदार सामने नहीं आया। यदि इस बारे में सरकार की तरफ से कोई जल्दबाजी की गई तो बाजार में ऐसा संदेश जा सकता है कि इसे किसी भी कीमत पर बेचा जाएगा, जबकि इस तरह की कोई मंशा नहीं है।
कंपनी पर 48,877 करोड़ का कर्ज
एयर इंडिया पर मार्च 2017 में 48,877 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसे खरीदने के लिए कभी इंडिगो ने रुचि दिखाई थी, लेकिन बाद उसने हाथ खींच लिया था। बताया जाता है कि एयर इंडिया को बेचने के लिए सरकार ने जो शर्ते तय की हैं, उस पर निजी कंपनी सहमत नहीं हो रही हैं।