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एयर इंडिया को नहीं मिला कोई खरीदार, अब सरकार करेगी नए सिरे से विचार
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 01 Jun 2018 05:51 PM IST
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एयर इंडिया के विनिवेश की प्रक्रिया के लिए एक भी बोलीदाता नहीं मिलने के बाद सरकार ने नए सिरे से विचार करने का मन बनाया है। इसके तहत केंद्र सरकार मसौदे में परिवर्तन कर बोलीदाताओं के अनुरूप बनाएगी, जिसके बाद फिर से एक बार बोली की प्रक्रिया को शुरू किया जा सकेगा।
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शाम 5 बजे तक करना था जमा
बृहस्पतिवार (31 मई, 2018) को शाम पांच बजे तक इस कंपनी को खरीदने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) या अभिरुचि पत्र दाखिल किया जा सकता था। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ईओआई में भाग लेने की अवधि बीतने के बाद ट्विट कर बताया कि ट्रांजेक्शन एडवाइजर से मिली सूचना के अनुसार, नियत समय तक किसी बोलीदाता ने अभिरुचि का प्रदर्शन नहीं किया है। इस संदर्भ में आगे क्या कदम उठाया जाएगा, इस बारे में उचित फैसला लिया जाएगा।
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सरकार ने तारीख बढ़ाने से किया था मना
इससे एक दिन पहले ही केंद्रीय नागरिक विमानन सचिव राजीव नयन चौबे ने कहा था कि कोई बोली न मिलने के बावजूद रुचि पत्र जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। हालांकि, इसे एक बार पहले भी आगे बढ़ाया जा चुका है।
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76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश
उल्लेखनीय है कि इससे पहले एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अभिरुचि पत्र जमा करने की अंतिम तारीख 14 मई थी, जिसे बढ़ाकर 31 मई किया गया था। केंद्र सरकार घाटे में चल रही इस विमानन कंपनी की 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। इसके लिए मंत्रिमंडल से बीते जून में ही मंजूरी मिल गई है। एयर इंडिया पर करीब 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज बताया गया है।
चार हिस्सों में बांटा एयर इंडिया को
सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश से पहले इसे चार हिस्सों में बांटने का फैसला किया था। ऐसा इसलिए, ताकि इसका निवेश आकर्षक बनाया जा सके। इनमें एक हिस्सा एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एआई सेट्स है। दूसरा हिस्सा ग्राउंड हैंडलिंग यूनिट, तीसरा हिस्सा इंजीनियरिंग यूनिट और चौथा हिस्सा अलायंस एयर है। सरकार इस कंपनी की 76 फीसदी हिस्सेदारी के साथ साथ प्रबंधकीय नियंत्रण भी सौंपना चाहती है।