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कंपनी कानून में 23 अपराधों की श्रेणी में हो सकता है बदलाव
Tue, 19 Nov 2019 04:10 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 19 Nov 2019 04:10 AM IST
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nirmala sitharaman
- फोटो : ANI
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सरकार कंपनी कानून के अंतर्गत 23 अपराधों की श्रेणी में बदलाव करने की तैयारी में है। सरकार के एक उच्च स्तरीय पैनल ने यह प्रस्ताव किया है। अगर ऐसा होता है तो इनमें से कई मामले आपराधिक नहीं, बल्कि क्षमायोग्य हो जाएंगे। यानी संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई होगी।
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सोमवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबकि, समिति 46 दंडात्मक प्रावधानों में संशोधन का सुझाव देते हुए कहा, ‘या तो इनसे आपराधिकता शब्द को हटा दिया जाए या सजा को जुर्माने तक सीमित कर दिया जाए या वैकल्पिक तरीकों से गलती में सुधार का विकल्प मुहैया कराया जाए।
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बयान में कहा गया कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य देश में आपराधिक न्याय प्रणाली की बाधाएं दूर करना है। कंपनी मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, बाकी बचे 66 क्षमायोग्य अपराधों में से 23 की श्रेणी में बदलाव किया जा सकता है। ऐसे अपराधों में इन-हाउस न्यायिक ढांचे के तहत फैसला किया जा सकता है, जहां डिफॉल्ट की स्थिति में निर्णयन अधिकारी जुर्माना लगा सकता है।
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बयान में कहा गया, ‘7 क्षमायोग्य अपराधों में छूट के अलावा 11 क्षमायोग्य अपराधों में कारावास के प्रावधान को हटाकर सिर्फ जुर्माना लगाकर सजा को सीमित करना और 5 अपराधों के लिए वैकल्पिक फ्रेमवर्क तैयार करने की भी सिफारिश की गई है।’ कंपनी कानून समिति की अगुआई कंपनी मामलों के सचित इंजेति श्रीनिवास कर रहे हैं।