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अदालत पहुंची अमेजन, किशोर बियानी की गिरफ्तारी व फ्यूचर-रिलायंस सौदे को रुकवाने के लिए दायर की याचिका

Tue, 26 Jan 2021 10:33 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 26 Jan 2021 10:33 AM IST
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Future reliance Deal Case Amazon filed a petition seeking detention of Kishore Biyani and seizure of their assets
रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड - फोटो : twitter: @CCI_India

अमेरिकी ऑनलाइन खुदरा बाजार कंपनी अमेजन ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर भारत में खुदरा स्टोर चलाने वाले कंपनी समूह फ्यूचर ग्रुप के मुख्य कार्यकारी किशोर बियानी समेत इसके संस्थापकों की गिरफ्तारी, उनकी संपत्तियों को जब्त कराने तथा समूह का कारोबार रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचने के करार को रोकने की मांग की है। 

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मध्यस्थता अदालत के आदेश को लागू कराने का अनुरोध
याचिका में अमेजन ने अपने भागीदार फ्यूचर समूह और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच हुए 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के खिलाफ उसकी अर्जी पर फ्यूचर के विरुद्ध सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत के आदेश को लागू कराने का अनुरोध किया है। अमेजन ने मांग की है कि बियानी परिवार को उनकी चल-अचल संपत्ति घोषित करने का निर्देश दिया जाए और उनकी संपत्ति जब्त की जाए। 
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निदेशकों को सिविल जेल में डालने की मांग
उसने बियानी, उनकी बेटी अश्नी और संस्थापक परिवार के अन्य सात सदस्यों तथा फ्यूचर समूह के कंपनी सचिव सहित तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किए जाने की भी मांग की है। अमेरिकी 
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ऑनलाइन कारोबारी कंपनी ने फ्यूचर समूह की कंपनियों के निदेशकों को सिविल जेल में डालने के निर्देश दिए जाने की भी मांग की है। बियानी ने इससे पहले कहा था कि उन्हें कर्ज के बोझ से निपटने के लिए अमेजन की ओर से मदद नहीं आती देख रिलायंस को कंपनी के कारोबार बेचने का करार करना पड़ा। 

सेबी ने दी फ्यूचर-रिलायंस इंडस्ट्रीज करार को मंजूरी
अमेजन की यह अर्जी ऐसे समय दाखिल हुई है जबकि कुछ दिन पहले ही बाजार विनियामक सेबी ने फ्यूचर-रिलायंस इंडस्ट्रीज करार को मंजूरी दी है। अमेजन ने कहा है कि इस सौदे के खिलाफ सिंगापुर के आपातकालीन मध्यस्थ (ईए) की अंतरिम रोक भारतीय मध्यस्थता एवं समाधान अधिनियम के तहत लागू करने योग्य है। इसे भारतीय दिवानी कानून के तहत भी लागू किया जा सकता है। अमेजन की याचिका में कहा गया है कि सिंगापुर मध्यस्थ निर्णय केंद्र के अंतरिम ओदश की वैधता 23 जनवरी तक थी। उसे अब अगले किसी संशोधन तक वैध करार दिया गया है। 


फ्यूचर रिटेल ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि वह अपने वकीलों के जरिए इस मामले में बचाव करेगी। उसने बताया कि उसे अमेजन के वकीलों की ओर 25 जनवरी को एक पत्र में दिल्ली उच्च न्यायालय में मध्यस्थता एवं समाधान कानून की धारा 17(2) के तहत दायर मामले की जानकारी दी गई है।

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