फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   four international airlines companies planning to bid for air india

देशी कंपनियों के रेस से बाहर होने के बाद चार विदेशी कंपनियों ने दिखाई Air India को खरीदने में रुचि

Thu, 12 Apr 2018 11:32 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 12 Apr 2018 11:32 AM IST
विज्ञापन
four international airlines companies planning to bid for air india
Air India

टाटा संस, इंडिगो, जेट एयरवेज और स्पाइसजेट के एयर इंडिया को खरीदने की रेस से बाहर होने के बाद अब चार विदेशी कंपनियों ने इसे खरीदने में अपनी रुचि दिखाई है। यह चार कंपनियां है ब्रिटिश एयरवेज, लुफ्थांसा, सिंगापुर और खाड़ी देश में कार्यरत एक एयरलाइन कंपनी। 

विज्ञापन


बातचीत है जारी
कंपनियों ने एयर इंडिया को खरीदने के लिए अपनी तरफ से भारतीय कंपनियों से भी बातचीत को शुरू कर दिया है, क्योंकि नियमों के अनुसार भारतीय कंपनियों के पास 51 फीसदी हिस्सेदारी होनी चाहिए। इन चारों विदेशी एयरलाइंस कंपनियों में से एक के पास भारतीय कंपनी में शेयर हैं। 
विज्ञापन


सरकार से कर रही हैं बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, चारों कंपनियां फिलहाल सरकार से बातचीत कर रही हैं। वो एक छोटी भारतीय एयरलाइन कंपनी के साथ कंशोर्सियम भी बनाने पर विचार कर रही हैं। इसके साथ देश का एक प्रमुख औद्योगिक घराना इस प्रक्रिया में शामिल है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सिंगापुर एयरलाइंस की है विस्तारा में हिस्सेदारी
सिंगापुर इंटरनेशनल एयरलाइंस की फिलहाल विस्तारा में हिस्सेदारी है, जिसमें टाटा संस प्रमुख भागीदार है। यह कंपनी भी एयर इंडिया को खरीदने की इच्छुक है। 

SAC ने दिखाई दिलचस्पी

four international airlines companies planning to bid for air india
air india

स्विट्जरलैंड की स्विस एविएशन कंसल्टिंग (एस.ए.सी.) ने एयर इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। सरकार 2018 के अंत तक एयर इंडिया को बेचना चाहती है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एयर इंडिया में दिलचस्पी दिखाने वाला यह पहला इंटरनेशल एविएशन ग्रुप है लेकिन जानकारों की माने तो हो सकता है कि स्विट्जरलैंड की कम्पनी केवल अपने क्लाइंट्स के लिए संभावनाएं तलाश रही है।

ऐसे बना डूबता जहाज
नेशनल एयरलाइंस कैरियर के नाम से मशहूर एयर इंडिया अब सरकार के लिए डूबता जहाज बन गया है। एक जमाने में महाराजा की तूती पूरी दुनिया में बोलती थी। लेकिन तत्कालीन यूपीए सरकार के कुछ फैसलों से इस पर 52 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ गया, जिससे अब निजात पाने के लिए सरकार ने इसे बेचने का मन बना लिया है। 
टाटा ग्रुप द्वारा इसको खरीदने की खबरों के बीच हम आपको बताने जा रहे हैं वो पांच कारण, जिनकी वजह से एयर इंडिया सरकार के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। 

नेशनल मार्केट में केवल 14 फीसदी शेयर
एयर इंडिया का नेशनल मार्केट में केवल 14 फीसदी शेयर है। नेशनल एविएशन मार्केट में एयर इंडिया के मुकाबले इंडिगो और जेट एयरवेज जैसी प्राइवेट एयरलाइंस का कब्जा है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में भी एयर इंडिया को कई विदेशी एयरलाइंस से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिससे लगातार उसका प्रॉफिट गिर रहा है। प्रॉफिट गिरने और नेशनल सेक्टर में लोगों का एयर इंडिया के प्रति झुकाव कम होने से भी मार्केट से लिए गए कर्ज की भरपाई करने में कंपनी और सरकार को दिक्कत आ रही हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed