दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की दिवालिया प्रक्रिया पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के फैसले को स्थगित कर दिया गया है। यह आदेश कर्नाटक हाई कोर्ट ने दिया है। 24 अक्तूबर 2019 के एनसीएलटी के फैसले से राहत के लिए फ्लिपकार्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
31 अक्तूबर को हुई थी सुनवाई
मामले की सुनवाई 31 अक्तूबर को हुई थी और सुनवाई की अगली तारीख अभी तय नहीं हुई है। कोर्ट में निर्देश दिया गया है कि सुनवाई की अगली तारीख तक स्थगन जारी रहेगा।
एनसीएलटी ने फ्लिपकार्ट के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश कंपनी के एक सप्लायर क्लाउडवॉकर (CloudWalker) स्ट्रीमिंग टेक्नोलॉजीज की याचिका पर दिया था। दरअसल फ्लिपकार्ट ने क्लाउडवॉकर के 18 करोड़ रुपये बकाये पर डिफॉल्ट किया है। कंपनी ने क्लाउडवॉकर से 103.62 करोड़ रुपये का सामान खरीदना था, लेकिन उसले सिर्फ 85.57 करोड़ रुपये की ही खरीदारी की।
इसलिए एनसीएलटी की बंगलूरू खंडपीठ ने आईबीसी, 2016 के तहत फ्लिपकार्ट के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। एनसीएलटी ने कंपनी के निदेशक बोर्ड को कहा था कि वे आइआरपी के साथ पूरा सहयोग करें।
फ्लिपकार्ट को हुआ था 17,231 करोड़ का घाटा
मार्च, 2019 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट को 17,231 करोड़ रुपये (2.42 अरब डॉलर) का घाटा हुआ था, हालांकि यह इससे पिछले वित्त वर्ष से कम था। वित्तीय आंकड़े उपलब्ध कराने वाले प्लेटफॉर्म पेपर डॉट वीसी के मुताबिक, इस दौरान कंपनी के राजस्व में 42 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
2018 में हुआ था 46,895 करोड़ का घाटा
हालांकि 31 मार्च, 2019 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान सिंगापुर में पंजीकृत कंपनी का घाटा 63 फीसदी की कमी के साथ 17,231 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2018 में कंपनी को 46,895 करोड़ रुपये (6.6 अरब डॉलर) का घाटा हुआ था।