जेट एयरवेज को खरीद सकते हैं यह दो अरबपति भाई, एतिहाद ने शुरू की बातचीत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंद हो चुकी जेट एयरवेज को फिर से शुरू करने की कवायद अभी भी जारी है। एतिहाद एयरवेज और एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के कंशोर्सियम इस कोशिश में लगे हैं कि जेट को फिर से शुरू किया जाए। फिलहाल एतिहाद और बैंक जेट को खड़ा करने के लिए ब्रिटेन के सबसे बड़े अमीर हिंदुजा बंधुओं से मुलाकात करने जा रहे हैं। हालांकि हिंदुजा जेट एयरवेज में निवेश करेंगे या फिर नहीं, इसका जवाब भविष्य के गर्त में छुपा हुआ है।
हिंदुजा समूह ने नहीं भरी हामी
हालांकि अभी तक हिंदुजा समूह ने जेट एयरवेज को खरीदने के लिए किसी तरह की कोई हामी नहीं भरी है। एतिहाद के अधिकारियों ने इस संबंध में जीपी हिंदुजा से संपर्क किया तो उन्होंने अपने छोटे भाई अशोक हिंदुजा से बात करने के लिए कह दिया। अशोक हिंदुजा ही भारत में फैले समूह के व्यापार को देखते हैं।
औपचारिक मुलाकात में समय
एक अधिकारी ने बताया कि एतिहाद, बैंक और अशोक हिंदुजा में औपचारिक बातचीत होने में फिलहाल समय है। यह कवायद इसलिए हो रही है क्योंकि हिंदुजा समूह पहले भी एयर इंडिया को खरीदने के लिए 2001 में तैयार हुआ था, लेकिन तब विनिवेश की प्रक्रिया फेल हो गई थी।
हिंदुजा समूह फिलहाल विश्व में दस अलग-अलग सेक्टर में व्यापार करता है जिसमें ऑटोमेटिव, तेल व केमिकल, मीडिया, आईटी, बिजली संयंत्र, स्वास्थ्य और रियल एस्टेट शामिल हैं। भारत में दूसरे नंबर पर ट्रक बेचने वाली कंपनी आशोक लीलैंड भी इसी के स्वामित्व में है।
जेट को कर सकते हैं खड़ा
हिंदुजा बंधुओं को हाल ही में ब्रिटेन के सबसे अमीर शख्स होने का ताज मिला है। दोनों भाइयों की कुल संपंत्ति 22 अरब पाउंड है। जेट को रिवाइव करने के लिए वो आसानी से 15 हजार करोड़ रुपये निवेश कर सकते हैं।
एतिहाद करेगा केवल 1700 करोड़ रुपये निवेश
जेट एयरवेज में एतिहाद केवल 24 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 1700 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। उसने यह भी साफ कर दिया है कि वो जेट की देनदारी को पूरा नहीं करेगा। उसने बैंकों से कह दिया है कि वो 8500 करोड़ के कर्ज में 70-80 फीसदी कर्ज को माफ करे।