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देश-विदेश में बोलती थी इस डोसा किंग की तूती, ऐसे आए अर्श से फर्श पर

Wed, 03 Jul 2019 05:06 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 03 Jul 2019 05:06 PM IST
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dosa king and sawarna bhawan owner p rajgopal rise and fall
sarvana bhavan - फोटो : ANI

देश-विदेश में मशहूर दक्षिण भारतीय व्यंजन की रेस्टोरेंट चेन सर्वाना भवन के मालिक और डोसा किंग के नाम से प्रसिद्ध पी राजगोपाल की बुधवार से उम्र कैद की सजा शुरू हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजगोपाल को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। 

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21 देशों में कारोबार

सर्वाना भवन फिलहाल 21 देशों में कारोबार कर रहा है। कंपनी के करीब 80 से ज्यादा रेस्तरां चलते हैं। सवर्णा भवन की स्थापना राजगोपाल ने चेन्नई में की थी। किराने की दुकान में काम करने वाले राजगोपाल ने सीमित मेन्यू के साथ डोसा, इडली और चटनी को बेचना शुरू किया। फिलहाल कंपनी का कुल राजस्व एक करोड़ डॉलर से ज्यादा का है और इसमें आठ हजार से अधिक लोग काम करते हैं। अब इस रेस्टोरेंट को राजगोपाल के दो बेटे पीआर शिवकुमार और आर सरवनन चला रहे हैं। 

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इस मामले में हुई है सजा

राजगोपाल पर एक व्यक्ति के अपहरण और हत्या का दोषी पाया गया है। इस व्यक्ति की पत्नी से रामगोपाल तीसरी शादी करना चाहता था। बेटे की पढ़ाई के लिए रामास्वामी ने संथाकुमार नाम के शिक्षक को रखा, जिसे बाद में उसकी बेटी जीवज्योति से प्यार हो गया।

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व्यक्ति की थी हत्या

परिवार की नाराजगी के बावजूद प्रेमी युगल ने अप्रैल 1999 में शादी कर ली। कुछ महीनों बाद शादीशुदा जोड़े ने ट्रेवल एजेंसी शुरू करने के लिए पी राजगोपाल से मदद मांगी। लेकिन उस वक्त तक राजगोपाल पर जीवज्योति से शादी करने का जुनून सवार हो चुका था। लेकिन जब तमाम कोशिशों के बाद बात नहीं बनी तो राजगोपाल ने संथाकुमार की हत्या करवा दी।

2001 से चल रहा था मुकदमा

यह मुकदमा 2001 से चल रहा था। निचली अदालत से लेकर के मद्रास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी पी राजगोपाल को दोषी माना है। 2009 में हाईकोर्ट ने राजगोपाल को आजीवन कारावास और पांच साथियों को 10 साल कारावास की सजा सुनाई थी। 

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