साइरस मिस्त्री फिर से बनेंगे टाटा संस के चेयरमैन, एन चंद्रशेखरन को हटाने का आदेश
110 अरब डॉलर (7.80 लाख करोड़ रुपये) के टाटा समूह के चेयरमैन पद पर तीन साल बाद फिर साइरस मिस्त्री की ताजपोशी का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को साइरस मिस्त्री पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए पद पर फिर बहाल करने का आदेश दिया। एनसीएलएटी के इस फैसले को पूर्व चेयरमैन रतन टाटा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की अगुवाई वाली एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने बुधवार को कहा कि मिस्त्री के खिलाफ रतन टाटा के उठाए गए कदम परेशान करने वाले थे। पीठ ने नए चेयरमैन की नियुक्ति को भी अवैध ठहराया। अदालत ने यह भी कहा कि टाटा सन्स को पब्लिक कंपनी से निजी बनाने का फैसला भी गैर कानूनी है और इसे पलटने का आदेश दिया जाता है। यह आदेश चार सप्ताह में लागू होगा और टाटा समूह के पास इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का भी विकल्प है।
साइरस मिस्त्री ने इस फैसले पर कहा, ‘आज का फैसला मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह अच्छे प्रशासन और अल्पांश शेयरधारकों के अधिकारों की जीत है। इससे मेरा रुख सही साबित होता है।’
साइरस मिस्त्री टाटा सन्स के छठे चेयरमैन थे और उन्हें इस पद से अक्तूबर 2016 में हटा दिया गया था। रतन टाटा के बाद उन्होंने 2012 में चेयरमैन का पद संभाला था। समूह के 150 साल के इतिहास में मिस्त्री चेयरमैन बनने वाले टाटा परिवार से बाहर के दूसरे व्यक्ति थे।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयर 4 फीसदी तक टूटे
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीली न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद पर बहाल किए जाने के फैसले से समूह की कंपनियों के शेयरों में बुधवार को 4 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। इस क्रम में टाटा ग्लोबल बेवरेजिस में 4.14 फीसदी, टाटा कॉफी में 3.88 फीसदी और टाटा मोटर्स में 3.05 फीसदी की कमजोरी रही। बीएसई सेंसेक्स में टाटा मोटर्स सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर रहा।
इसके अलावा इंडियन होटल्स कंपनी में 2.48 फीसदी, टाटा केमिकल्स में 1.65 फीसदी, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में 1.22 फीसदी और टाटा पावर में लगभग 1 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई। हालांकि इसके विपरीत समूह की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेस (टीसीएस) में मामूली 0.07 फीसदी, टाटा मेटालिक्स में 2.07 फीसदी, टाटा कम्युनिकेशंस में 1.68 फीसदी, टाटा इलेक्सी में 1.53 फीसदी, टाटा स्टील में 1.16 फीसदी और टाइटन कंपनी में 0.09 फीसदी मजबूती देखने को मिली।
शापूरजी पलोनजी कारोबारी घराने से ताल्लुक रखने वाले मिस्त्री को अक्तूबर, 2016 में टाटा संस के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। मिस्त्री ने इस फैसले को एनसीएलटी में चुनौती दी थी, जहां उनकी याचिका खारिज हो गई थी। बाद में उन्होंने एनसीएलएटी में अपील की, जहां उन्हें अब सफलता मिली।
टाटा-मिस्त्री घटनाक्रम
टाटा संस-सायरस मिस्त्री मामले की अब तक की घटनाएं इस प्रकार हैं :
- 24 अक्तूबर, 2016 : टाटा संस ने सायरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से बर्खास्त किया। रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन बनाया।
- 25 अक्तूबर, 2016 : मिस्त्री ने टाटा संस के बोर्ड को पत्र लिखा, टाटा के ट्रस्टी द्वारा क्षद्म नियंत्रण का लगाया आरोप।
- 19 दिसंबर, 2016 : मिस्त्री ने टाटा समूह की सभी कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दिया।
- 20 दिसंबर, 2016 : मिस्त्री ने एनसीएलटी में याचिका दाखिल कर अल्पमत शेयरधारकों के दमन और कुप्रबंधन का आरोप लगाया।
- 12 जनवरी, 2017 : टाटा संस ने एन. चंद्रशेखरन को चेयरमैन नियुक्त किया।
- 6 फरवरी, 2017 : मिस्त्री को टाटा संस के बोर्ड से निदेशक पद से हटाया गया।
- 21 सितंबर, 2017 : टाटा संस के बोर्ड ने प्राइवेट कंपनी बनने की योजना को मंजूरी दी।
- 12 जून, 2018 : एनसीएलटी ने फैसले के लिए चार जुलाई की तिथि तय की।
- 4 जुलाई, 2018 : एनसीएलटी ने फैसले की तिथि को बढ़ाकर नौ जुलाई किया।
- 9 जुलाई, 2018 : एनसीएलटी ने मिस्त्री की वह याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन पद से बर्खास्त किए जाने को चुनौती दी थी। ट्रिब्यूनल ने कहा कि मिस्त्री को बोर्ड से इसलिए हटाया गया, क्योंकि बोर्ड और उसके सदस्यों का उन पर से विश्वास खत्म हो गया था।