भूषण स्टील के पूर्व सीएमडी संजय सिंघल की जमानत याचिका पर कोर्ट कल सुनाएगा फैसला
भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) के पूर्व सीएमडी संजय सिंघल की जमानत याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 24 जनवरी 2020 को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।
Rouse Avenue Court has reserved order on bail plea of Sanjay Singhal, former chairman and managing director of Bhushan Power and Steel Ltd, in connection with a money laundering case. Court will pronounce its order on the bail application tomorrow.
— ANI (@ANI) January 23, 2020
22 नवंबर को किया गया था गिरफ्तार
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 47 हजार करोड़ रुपये के बैंक कर्ज घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजय सिंघल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 204 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इसमें सिंघल की दिल्ली और लंदन स्थित चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं।
इस संदर्भ में जांच एजेंसी ने कहा था कि मामले में 4,229 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है। ईडी ने संजय सिंघल को ही इस कर्ज घोटाले का ‘मास्टरमाइंड’ करार दिया है। ईडी ने करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिंघल और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सिंघल को मामले में पूछताछ के बाद मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत पिछले साल 22 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।
ईडी ने लगाया आरोप
विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज की अदालत ने 24 व्यक्तियों व कंपनी को आरोपी मानकर दाखिल की गई चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए सिंघल को 21 जनवरी को पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया था। ईडी का आरोप है कि कंपनी और उसके निदेशकों ने जानबूझकर कर्जदाता बैंकों की रकम लौटाने में चूक की और उनके खाते लगातार अनियमित बने रहे।
बता दें कि बीपीएसएल ने अपने निदेशकों के जरिये 33 बैंकों वित्तीय संस्थानों से 2007 से 2014 के बीच कर्ज लिया, जो वापस नहीं करने के चलते 30 जनवरी, 2018 को बढ़कर 47,204 करोड़ रुपये आंका गया था। पीएनबी की चंडीगढ़ स्थित कॉर्पोरेट शाखा के नेतृत्व वाले बैंक समूह से यह कर्ज कार्यशील पूंजी, प्लांट की मशीनरी खरीदने के लिए टर्म लोन, नॉन-फंड बेस टर्म लोन जैसे विभिन्न तरीकों से लिए गए।