एयर इंडिया का भत्तों में 10 फीसदी की कटौती का एलान, इंडिगो भी जल्द लेगी फैसला
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कोरोना संकट के बीच दुनियाभर में यात्राओं पर प्रतिबंध के कारण भारतीय विमानन कंपनियों की कमाई पर जबरदस्त असर पड़ा है। अब इसका खामियाजा कर्मचारियों को भी चुकाना होगा। एयर इंडिया ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कोरोनोवायरस के मद्देनजर, हम मार्च 2020 से अगले तीन महीने तक की अवधि के लिए केबिन क्रू को छोड़कर सभी कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में 10 फीसदी की कटौती करने जा रहे हैं।
इससे पहले खबर थी कि सरकारी कंपनी एयर इंडिया और निजी क्षेत्र की इंडिगो अपने कर्मचारियों के वेतन में 5 से 25 फीसदी तक कटौती कर सकती हैं। इंडिगो भी इस मामले में जल्द फैसला लेगी। कंपनियों का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय सेवाएं पूरी तरह ठप होने से राजस्व में बड़ी गिरावट आई है जिससे कुछ सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं।
एयर इंडिया से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि कंपनी का बोर्ड जल्द ही इस पर फैसला करेगा। पहले से ही घाटे में चल रही एयरलाइन को कोरोना संकट के बाद अपनी अंतरराष्ट्रीय सेवाएं पूरी तरह बंद करनी पड़ी हैं। इससे राजस्व में जबरदस्त गिरावट आई और कठोर फैसले के तहत कर्मचारियों का वेतन पांच फीसदी तक घटाना पड़ सकता है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए करीब 100 पायलट को फिलहाल हटाया जा रहा है। साथ ही एक अप्रैल से केबिन क्रू और पायलट के अलाउंस में भी कटौती की जाएगी।
इंडिगो के सीईओ का वेतन 25 फीसदी कटा
इंडिगो के सीईओ रोनजॉय दत्ता ने बृहस्पतिवार को एलान किया कि उनके सहित शीर्ष कर्मचारियों के वेतन में पांच से 25 फीसदी तक कटौती की जाएगी। उन्होंने कहा, संकट में फंसे क्षेत्र को उबारने के लिए एक अप्रैल 2020 से बैंड ए और बैंड बी वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जाएगी। मैंने खुद अपने वेतन में 25 फीसदी कटौती करने को मंजूरी दी है। कॉकपिट क्रू के वेतन में 15 फीसदी, बैंड डी (केबिन क्रू) में 10 फीसदी और बैंड सी वाले के वेतन में पांच फीसदी कटौती की जाएगी।
बैंकिंग और मेटल स्टॉक में भारी गिरावट, सेंसेक्स 581 अंक टूटा
कोरोना संकट के बीच वैश्विक मंदी के बढ़ते खौफ का असर शेयर बाजार पर लगातार चौथे दिन दिखा और निवेशकों की बिकवाली से सेंसेक्स 581 अंक व निफ्टी 205 अंक टूटे। बैंकिंग, मेटल और ऊर्जा सहित बीएसई के सभी स्टॉक में गिरावट का दिखी जिससे कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 2,656 अंकों की बड़ी गिरावट आई। हालांकि, दोपहर बाद थोड़ा सुधार आया और आखिर में 581.28 अंक टूटकर 28,288.23 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 205.35 अंकों की गिरावट से 8,263.45 के स्तर पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 7,900 के स्तर से नीचे चला गया था।
निफ्टी 38 महीने के निचले स्तर पर
बड़ी गिरावट के कारण निफ्टी 38 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ है। इतना ही नहीं मेटल इंडेक्स 11 साल के निचले स्तर पर तो ऑटो इंडेक्स 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। बजाज फाइनेंस में 10.25 फीसदी, मारुति में 9.85 फीसदी और एक्सिस बैंक में 9.50 फीसदी की गिरावट आई है।
निवेशकों के 3.76 लाख करोड़ डूबे
बाजार में गिरावट से बृहस्पतिवार को निवेशकों के करीब पौने चार लाख करोड़ रुपये डूब गए। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बुधवार के 113.53 लाख करोड़ रुपये से घटकर 109.76 लाख रुपये पर आ गया है।