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Koo Apps: कू एप : Koo का चाइनीज कनेक्शन हुआ खत्म, भारतीय उद्यमियों ने खरीदी हिस्सेदारी
Thu, 18 Mar 2021 12:02 PM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Thu, 18 Mar 2021 12:02 PM IST
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KOO App
- फोटो : Koo App
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हाल ही में चर्चा में आई भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग साइट कू (Koo) की पेरेंट कंपनी बॉम्बिनेट टेक्नोलॉजीज में अब चाइनीज कंपनी की हिस्सेदारी नहीं है। चीनी निवेशक शुनवेई कैपिटल ने इसमें साल 2018 में पांच डॉलर का निवेश किया था। शुनवेई कैपिटल की हिस्सेदारी खरीदने वालों में पूर्व भारतीय क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ, बुकमाईशो के संस्थापक आशीष हेमराजानी, उड़ान के सह-संस्थापक सुजीत कुमार, फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति और जेरोधा के संस्थापक निखिल कामत शामिल हैं।
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इस संदर्भ में श्रीनाथ ने कहा कि, 'वे इंटरनेट पर भारतीय भाषा के यूजर्स की आवाज को लाने के लिए एक प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, जो सराहनीय है और एक भारतीय के रूप में मैं उन्हें अपना समर्थन पूरे दिल से देता हूं।' कू के निवेशकों में एस्सेल पार्टनर्स, 3वन4 कैपिटल, ब्लूम वेंचर्स और कलारी कैपिटल्स शामिल हैं।
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पिछले महीने ही कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया था कि कू की मातृ कंपनी में चीन के निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचकर इससे बाहर निकल रहे हैं। तब कू के सह-संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपरामेय राधाकृष्ण ने कहा था कि अन्य निवेशकों ने चीन के निवेशकों की नौ फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जाहिर की है। शुनवेई ने भारत की कंपनी के एक अन्य एप वोकल के लिए भी निवेश किया था। तब कू की शुरुआत भी नहीं हुई थी।
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चीनी निवेश पर सरकार ने दी सफाई
मालूम हो कि सरकार ने सफाई दी है कि कू में चीनी कंपनी का निवेश नियम के मुताबिक है और इस एप का विकास देश में ही हुआ है। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय धोतरे ने कहा कि 17 अप्रैल 2020 के पहले आईटी कंपनियों में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी निवेश की अनुमति दी जाती थी। यह निवेश उसके पहले हुआ था। इसलिए चीनी कंपनी का निवेश नियम के अनुसार है। 17 अप्रैल 2020 को पड़ोसी देशों से आने वाले एफडीआई के लिए सख्त जांच की व्यवस्था की गई।
30 लाख से ज्यादा डाउनलोड्स
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार और ट्विटर के बीच तनातनी के बाद कू को खासी चर्चा मिली है। इसके बाद से कू को अब तक 30 लाख बार से अधिक डाउनलोड किया जा चुका है। साथ ही इसके 10 लाख से अधिक सक्रिय यूजर भी हो चुके हैं।
क्या है Koo App?
वैसे तो आपमें से कई लोग Koo एप के बारे में जानते होंगे लेकिन कई लोग अभी इससे अनजान हैं। Koo एक माइक्रोब्लॉगिंग साइट है जिसे ट्विटर की टक्कर में पेश किया गया है। सीधे शब्दों में कहें तो Koo एक मेड इन इंडिया ट्विटर है। यह हिंदी, अंग्रेजी समेत आठ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। Koo को एप और वेबसाइट दोनों तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका भी इंटरफेस ट्विटर जैसा ही है। इसमें शब्दों की सीमा 350 है।