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वॉरेन के पास इतना पैसा कि नही सूझ रहा कहां करें निवेश

Wed, 12 Oct 2016 04:59 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 12 Oct 2016 04:59 PM IST
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buffet get confuse over investment option with so much cash
Warren Buffet

दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति वॉरेन बफेट ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं जिसे सुनकर आप चकित रह जाएंगे। सूत्रों के अनुसार वॉरेन अपने बढ़ते कैश से परेशान हो गए हैं। बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे के पास करीब 73 बिलियन डॉलर (चार लाख करोड़ रुपए) कैश  जमा हैं, जो अब तक का अधिकतम है। 

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यह कैश रोजाना बढ़ रहा है क्योंकि बफेट को निवेश करने की जरूरत नहीं है। बर्कशायर अपने 90 कारोबारों से हर महीने करीब 1.5 बिलियन डॉलर कैश कमा रहा है। बफेट पूरी की पूरी कंपनी खरीद कर या कुछ शेयर खरीद कर मुनाफा कमा रहे हैं।
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बफेट की कमाई पर नजर डाले तो जनवरी से कैश के सिंहासन पर बैठे हुए हैं। जनवरी में विमानन से जुड़े निर्माण कार्य करने वाली कंपनी से बर्कशायर ने 32.36 बिलियन डॉलर की डील की थी। यह बर्कशायर के इतिहास का सबसे बड़ा अधिग्रहण था।
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तब से बफेट नकदी रकम के ढेर पर बैठे हुए हैं जोकि दिनोंदिन तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। निवेशक एंडी किलपैट्रिक का कहना है कि मुझे लगता है कि वह सही कीमत चुकाते हुए किसी शानदार (डील) की तलाश में है। बता दें, एंडी ने 'ऑफ परमानेंट वैल्यू : द स्टोरी ऑफ वॉरेन बफेट' नामक किताब लिखी थी।

नए निवेश की तलाश में बफेट

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Buffet

वैसे साफ कर दें कि बर्कशायर के पास जितना भी कैश है, वह सब का सब 'उपलब्‍ध' नहीं है। दरअसल, कंपनी को अपने पास कम से कम 20 बिलियन डॉलर की रकम रखनी ही है ताकि बर्कशायर की इंश्योरेंस कंपनियां इस पैसे को किसी बड़े क्लेम या किसी और जरूरत के समय इस्तेमाल कर सकें। ओमाहा की यूनिवर्सिटी में प्रफेसर जॉर्ज मॉर्गेन का कहना है, 'यह कहना मुश्किल है वॉरेन किस के मौके इंतजार में हैं। हम केवल वॉरेन के अगले कदम का इंतजार कर सकते हैं।'

वॉरेन क्या खरीदने जा रहे हैं, इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करते। जिन कंपनियों के साथ डील की बातचीत रद्द करते हैं, उनके बारे में भी वह बात नहीं करते। बावजूद इसके निवेशक उनकी अगली खरीद को लेकर कयास लगाने में जुटे हुए हैं। मोर्गन को लगता है कि वह मार्स कैंडी खरीद सकते हैं यदि वे लोग इसे बेचना चाहें तो। कुछ निवेशकों को लगता है कि वह अपनी यूटिलिटी यूनिट का विस्तार कर सकते हैं।

बर्कशायर ने 2013 में 5.6 बिलियन डॉलर नेवेडा एनवी एनर्जी खरीदने में खर्चे थे। बफेट कह चुके हैं कि वह 3जी कैपिटल के साथ फिर से काम कर सकते हैं। इन दोनों ने मिलकर क्राफ्ट फूड्स और हेंज खरीदी थीं। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों के बीच ऐसी कोई डील आगे कब होगी। हाल फिलहाल ब्याज दरों को लेकर जो माहौल कायम है उसमें बर्कशायर अपने पास इकट्ठा नकदी से ज्यादा ब्याज नहीं कमा पा रहा है।

गौरतलब है कि 2008 की मंदी के समय बफेट ने गोल्डमैन सैक्स, जनरल इलेक्ट्रॉनिक, हर्ली डेविडसन और कई अन्य को तगड़ी ब्याज दरों पर अरबों डॉलर की वित्तीय 'मदद' की पेशकश की थी। वैसे जब तक उन्हें कोई शानदार टारगेट नहीं मिल जाता और जो करते आ रहे हैं, वही करते रहेंगे यानी कि कभी कभार फोन कॉल ले लेना, ज्यादा बिजनस रिपोर्ट्स पढ़ना। 

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