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BPCL: निजीकरण से पहले रिकॉर्ड लाभांश की घोषणा, कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदरी बेच रही है सरकार

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Thu, 27 May 2021 12:40 PM IST

सार

बीपीसीएल ने 12,581 करोड़ रुपये के लाभांश की घोषणा की। कंपनी का शेयर गुरुवार को बीएसई पर कारोबार के दौरान चार फीसदी की तेजी के साथ 488 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है।
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बीपीसीएल
बीपीसीएल - फोटो : twitter: @BPCLimited
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विस्तार

सार्वजनिक क्षेत्र की भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने 12,581 करोड़ रुपये के लाभांश की घोषणा की। इसमें से आधे से अधिक राशि सरकार को जाएगी। सरकार ने कंपनी के निजीकरण के लिए प्रक्रिया शुरू की हुई है। बीपीसीएल का शेयर गुरुवार को बीएसई पर कारोबार के दौरान चार फीसदी की तेजी के साथ 488 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है। 
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प्रति इक्विटी 58 रुपये अंतिम लाभांश देने की सिफारिश
शेयर बाजार को दी सूचना में बीपीसीएल ने कहा कि, 'कंपनी के निदेशक मंडल ने 2020-21 के लिए प्रति इक्विटी 58 रुपये अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है। इसमें 10 रुपये के शेयर पर एक बारगी 35 रुपये का विशेष लाभांश शामिल है।' यह सिफारिश शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। यह लाभांश कुल 12,581.66 करोड़ रुपये बैठता है। इसमें 7,592.38 करोड़ रुपये का विशेष लाभांश शामिल है।


अपनी पूरी 52.98 फीसदी हिस्सेदरी बेच रही है सरकार 
सरकार को इस लाभांश में से 6,665.76 करोड़ रुपये के साथ लाभांश वितरण कर भी मिलेगा। सरकार बीपीसीएल में अपनी पूरी 52.98 फीसदी हिस्सेदरी बेच रही है। यह लाभांश 2020-21 में पहले दिए गए 21 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है। कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने रिकॉर्ड लाभांश क्यों दिया है। हालांकि, बीपीसीएल ने असम में नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 61.5 फीसदी हिस्सेदारी ऑयल इंडिया लिमिटेड, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड और असम सरकार के समूह को बेचकर 9,876 करोड़ रुपये प्राप्त किए।

दूसरी तरफ, बीपीसीएल ने बीना रिफाइनरी में ओ क्यू एस ए ओ सी (पूर्व में ओमान ऑयल कंपनी) की 36.62 फीसदी हिस्सेदारी 2,399.26 करोड़ रुपये में खरीदी। इस खरीद-फरोख्त में कंपनी को शुद्ध रूप से 7,477 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। यह राशि घोषित विशेष लाभांश के लगभग बराबर है।

वित्त वर्ष 2020-21 में 19,041.67 करोड़ का शुद्ध लाभ 
कंपनी को वित्त वर्ष 2020-21 में एकल आधार पर 19,041.67 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। रिकॉर्ड लाभ का कारण हिस्सेदारी बिक्री के साथ बचे माल भंडार की वजह से रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर रहना है। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी का लाभ 2,683.19 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2020-21 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 11,940.13 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही में 2,777.62 करोड़ रुपये था। कंपनी को कच्चे तेल को ईंधन में परिवर्तित करने पर 4.06 डॉलर प्रति बैरल की कमाई हुई जबकि पिछले साल उसका सकल रिफाइनिंग मार्जिन 2.50 डॉलर प्रति बैरल था। इसके अलावा पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने विदेशी मुद्रा के मामले में भी 199.75 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया जबकि इससे पिछले वर्ष उसे इसमें 1,662.34 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

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