AGR मामला: भारती एयरटेल ने दूरसंचार विभाग को जमा किए 8,004 करोड़ रुपये, अब इतना है बकाया
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शनिवार को भारती एयरटेल ने समायोजित सकल आय (एजीआर) बकाए को लेकर दूरसंचार विभाग को 8,004 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। इससे पहले 17 फरवरी को कंपनी ने 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इस तरह कंपनी ने अब तक कुल 18,004 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। ऐसे में अब एयरटेल को 17000 करोड़ रुपये और चुकाने हैं।
Bharti Airtel has deposited an additional Rs 8,004 crore towards adjusted gross revenue dues, to the telecom department.Earlier on 17th Feb,company had deposited Rs 10,000 cr aggregating to a total payment of Rs 18,004 cr now complied with AGR judgment&directions of Supreme Court pic.twitter.com/9q6bgvuiNP
— ANI (@ANI) February 29, 2020विज्ञापन
एयरटेल के पास पांच अरब डॉलर का बकाया चुकाने की क्षमता
हाल ही में रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा था कि निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के पास पांच अरब डॉलर के सांविधिक बकाए को चुकाने की वित्तीय क्षमता है। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने इसी महीने दूरसंचार कंपनियों से कहा था कि वे उसके 24 अक्तूबर, 2019 के फैसले का अनुपालन करें। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में दूरसंचार विभाग की समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की परिभाषा को उचित ठहराया था।17 मार्च तक करना है पूरा भुगतान
मूडीज ने कहा कि 35,300 करोड़ रुपये के नकद भुगतान से भारती एयरटेल की ऋण की गुणवत्ता पर कोई उल्लेखनीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। उसकी मौजूदा रेटिंग में उसकी स्थिति संतोषजनक रहेगी। एयरटेल को पिछले सांविधिक बकाया का पूरा भुगतान 17 मार्च तक करना है। इससे पहले भारती एयरटेल ने एजीआर बकाए में से सरकार को 10,000 करोड़ रुपये जमा किए थे। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कंपनी की हालिया पूंजी जुटाने की गतिविधियों से उसे एजीआर के भुगतान के लिए अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी।कंपनी ने शेयर बाजारों को सूचित किया कि, 'कंपनी ने भारती ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से 17 फरवरी, 2020 को जमा 10 हजार करोड़ रुपये के एड-हॉक पेमेंट के बाद पूरे भुगतान के लिए और 3,004 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।' यह भुगतान Bharti Airtel, Bharti Hexacom और Telenor India पर बकाया राशि के भुगतान के लिए किया गया है। एयरटेल ने कहा है, ''हमने किसी भी तरह के रिफंड और अंतर को पाटने के लिए 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का पेमेंट किया है।''
सरकार ने कहा- कंपनियां जमा करें स्वमूल्यांकन के दस्तावेज
हाल ही में सरकार ने दूरसंचार कंपनियों से एजीआर के स्वमूल्यांकन संबंधी दस्तावेज मांगे थे। दूरसंचार विभाग के सूत्रों ने बताया कि इन दस्तावेजों के आधार पर कंपनियों पर बकाया समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की गणना में मदद मिलेगी।गौरतलब है कि कंपनियों ने सरकार से कहा था कि दूरसंचार विभाग की ओर से तय किए गए एजीआर बकाए और उनके स्वमूल्यांकन के बीच भारी अंतर है। अब सरकार ने इस दावे की पुष्टि के संबंध में सभी तीन दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज से दस्तावेज जमा करने को कहा है।