एस्सार स्टील अधिग्रहणः आर्सेलर मित्तल ने शुरू की 42 हजार करोड़ रुपये की भुगतान प्रक्रिया
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विश्व की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल ने एस्सार स्टील का अधिग्रहण पूरा करने के लिए 42 हजार करोड़ रुपये की भुगतान प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। सोमवार तक यह भुगतान हो जाएगा। गौरतलब है कि एस्सार स्टील दिवालिया हो चुकी है और यह इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत सबसे बड़ी रिकवरी होगी।
एसबीआई को मिलेंगे सबसे ज्यादा 12161 करोड़ रुपये
लक्ष्मी निवास मित्तल की कंपनी आर्सेलर मित्तल ने सबसे बड़ी बोली लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मंजूरी मिलने के बाद अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया था। भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को सबसे ज्यादा 12,161 करोड़ रुपये मिलेंगे। बैंक ने 13,226 रुपये का दावा पेश किया था। केनरा बैंक को 3,493 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक को 2,110 करोड़ रुपये मिलेंगे। इन दोनों बैंकों के दावे 3,798 करोड़ रुपये और 2,294 करोड़ रुपये के थे।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि कर्ज में डूबी कंपनी एस्सार स्टील का अधिग्रहण अधिग्रहणकर्ता के 23 अक्तूबर, 2013 के रिजॉल्यूशन प्लान के अनुसार होगा। आर्सेलर मित्तल के बयान के मुताबिक, एस्सार स्टील पर लेनदारों का 49,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। इसे वसूलने के लिए नीलामी की गई है। इसमें कर्ज चुकाने के लिए 42,000 करोड़ रुपये के अग्रिम भुगतान के साथ परिचालन सुधार का समर्थन करने, उत्पादन बढ़ाने और लाभप्रदता का स्तर बढ़ाने के लिए कंपनी में 8,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश भी शामिल है।
क्रेडिटर्स की समिति ने आर्सेलर मित्तल और उसके साझेदार जापान के निप्पॉन स्टील एवं सुमितोमो मेटल कॉर्प को सफल आवेदक घोषित करने के लिए एक आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) पिछले साल अक्तूबर में जारी कर दिया था। अधिग्रहण के लिए सफल आवेदक बनने की खबर एस्सार स्टील के प्रोमोटर्स ने लेनदारों की सभी देनदारियां खत्म करने के लिए 47,507 करोड़ रुपये के साथ कुल 54,389 करोड़ रुपये का भुगतान करने और कंपनी को दिवालियापन प्रक्रिया से बाहर निकालने की पेशकश के एक दिन बाद आई है।