फेसबुक पर लगामः संसदीय पैनल ने दिया अधिकारियों को पेश होने का आदेश
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सोशल मीडिया वेबसाइटों पर फर्जी खबरों व सूचनाओं पर लगाम लगाने के लिए संसदीय पैनल ने ट्विटर के बाद फेसबुक के अधिकारियों को उसके सामने पेश होने का आदेश दिया है। देश भर में फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया वेबसाइटों पर फर्जी खबरों को रोकने के लिए सरकार काफी सख्त कदम उठा रही है। अगले कुछ महीनों में देश में आम चुनाव होने जा रहे हैं, जिसके पहले सरकार ऐसी सूचनाओं को रोकने का प्रयास कर रही है।
इन कंपनियों के अधिकारियों को दिया आदेश
ससंदीय पैनल ने फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप और फोटो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम के अधिकारियों को भी 6 मार्च को पेश होने का आदेश दिया है। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि संसदीय पैनल ने भारतीय अधिकारियों को बुलाया है या फिर अमेरिका स्थित मुख्यालय के अधिकारियों को।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में बनी ससंद की सूचना प्रौद्योगिकी समिति ने बताया कि वो फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनियों से सोशल मीडिया व ऑनलाइन समाचार माध्यमों पर नागरिकों अधिकारों की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों पर जानकारी लेंगे।
25 फरवरी को ट्विटर के पब्लिक पॉलिसी के उपाध्यक्ष कोलिन पॉवेल संसदीय पैनल के समक्ष उपस्थित होंगे। गूगल अगले हफ्ते एक कार्यक्रम को लांच करने जा रहा है, जिसके जरिए वो पत्रकारों को सूचनाओं का ऑनलाइन वेरिफिकेशन करने के बारे में ट्रेनिंग देगा।
समिति ने की थी मांग
31 सदस्यीय समिति के सदस्यों को कहना है कि ट्विटर के अलावा भारत में कारोबार कर रही प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों की भी पेशी होनी चाहिए। बता दें कि 31 सदस्यों कि इस समिति में 21 लोकसभा सदस्य और 10 राज्यसभा सदस्य हैं। इस समिति में बीजीपी के 13 और कांग्रेस के 4 सांसद शामिल हैं। इस समिति में बीजेपी की ओर से लालकृष्ण आडवाणी भी हैं।
गूगल, फेसबुक और ट्विटर की पेशी क्यों चाहती है समिति?
दरअसल यह पूरा मामला इसी साल अप्रैल में लोकसभा चुनाव होने वाला है और ऐसे में सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के वायरल होने का डर है। इसी बात को लेकर इन कंपनियों के पेशी होने वाली है ताकि सोशल मीडिया और इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप पर फर्जी खबरों के फैलने पर रोक लगाने के लिए कोई रणनीति बनाई जाए।
गौरतलब है कि 11 फरवरी को भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अगुवाई वाली संसदीय समिति के कड़े रुख के बाद ट्विटर की टीम संसद पहुंची। इसमें ट्विटर इंडिया के भी प्रतिनिधि शामिल थे। हालांकि ट्विटर प्रमुख जैक डॉर्सी नहीं पहुंचे। वहीं, समिति ने इस टीम से मिलने से मना कर दिया और सीईओ के साथ 25 फरवरी को बुलाया। हालांकि ट्विटर ने अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी है कि 25 फरवरी को होने वाली बैठक में जैक डॉर्सी शामिल होंगे या नहीं।