विलय व अधिग्रहण सौदों में आ सकती है कमी: रिपोर्ट
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वैश्विक विलय और अधिग्रहण एवं आईपीओ सौदों में 2016 में भी गिरावट आई, क्योंकि अमेरिकी शेयर बाजार में अनिश्चितता, चीन की आर्थिक सुस्ती को लेकर बढ़ रही चिंता और तेल एवं कमोडिटी मूल्यों में गिरावट जैसे पहलुओं के कारण सौदा करने वाले पहले से अधिक सावधानी बरत रहे हैं।
बेकर मेकेंजी और ऑक्सफोर्ड इकॉनोमिक्स द्वारा संयुक्त रूप से जारी किए गए वैश्विक सौदों के पूर्वानुमान रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में यूरोपीय संघ से अलग होने के पक्ष में हुए मतदान और अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव ने इन चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
हम समझते हैं कि अनिश्चितता का यह माहौल कम से कम इस साल की प्रथम तिमाही तक बना हुआ रहेगा और विलय व अधिग्रहण सौदे 2017 में गिरावट के साथ 2,500 अरब डॉलर रहेंगे, जिसका आकार 2016 में 2,800 अरब डॉलर का था।रिपोर्ट में कहा गया है कि माहौल में एक बार स्पष्टता बढ़ जाए, उसके बाद वैश्विक विलय व अधिग्रहण सौदों का आकार 2018 में बढ़कर 3,000 अरब डॉलर की ऊंचाई छू लेगा।
बढ़ेगी आईपीओ गतिविधियां
रिपोर्ट में प्रथम सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) गतिविधि के बारे में कहा गया है कि 2017 में इसमें हल्की तेजी आ सकती है और 2018 और 2019 में इसमें फिर से अच्छी उछाल आ सकती है, क्योंकि जिन कंपनियों ने बाजार में खुद को सूचीबद्घ करने की अपनी योजना टाल दी थी, वे फिर से शेयर बाजार में पहुंच रहे हैं।
रिपोर्ट में आईपीओ गतिविधि के बारे में पूर्वानुमान देते हुए कहा गया है कि वैश्विक आईपीओ गतिविधियां 2016 के 131 अरब डॉलर से बढ़कर 2017 में 168 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। इसके बाद 2018 और 2019 में यह 275 अरब डॉलर के ऊपरी स्तर पर पहुंच सकती हैं।
प्रौद्योगिकी सेक्टर में होंगे सर्वाधिक सौदे
क्षेत्रवार देखा जाए, तो वैश्विक सौदों में सबसे अधिक योगदान प्रौद्योगिकी सेक्टर का रह सकता है। प्रौद्योगिकी सेक्टर में विलय व अधिग्रहण सौदों का आकार 2018 में बढ़कर 415 अरब डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है, जो सन 2000 के बाद का ऊपरी स्तर होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आईपीओ गतिविधियों में भी इसी तरह की वृद्घि दर्ज की जा सकती है और इसकी अगुआई कर सकती है स्नैपचैट की आईपीओ योजना। रिपोर्ट के मुताबिक यदि स्नैपचैट का आईपीओ सफल रहता है, तो यह 2014 में अलीबाबा समूह के आईपीओ के बाद अमेरिका में सबसे बड़ी लिस्टेड टेक्नोलॉजी ऑफरिंग होगी।
रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि ये पूर्वानुमान इस संभावना पर आधारित हैं कि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के अधिकारी 2017 में नए संबंध स्थापित करने में प्रगति करेंगे और नया अमेरिकी प्रशासन वित्तीय राहत योजना बनाते समय अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आव्रजन नीति में कम संरक्षणवादी रुख अख्तियार करेगा।