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एयरबस ने की घोषणा, 2035 तक आएगा दुनिया का पहला शून्य उत्सर्जन वाला विमान
Tue, 22 Sep 2020 11:22 AM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 22 Sep 2020 11:22 AM IST
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airbus ZEROe
- फोटो : www.airbus.com
विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस ने हाइड्रोजन से चलने वाले और शून्य उत्सर्जन करने वाले व्यवसायिक विमानों की अवधारणा को सार्वजनिक किया, जिसका परिचालन 2035 तक शुरू हो सकता है। विमान निर्माता कंपनी ने बयान जारी कर बताया कि जलवायु के हिसाब से तटस्थ एवं शून्य-उत्सर्जन वाले व्यवसायिक विमान के लिए तीन अवधारणाएं हैं और तीनों का कोडनेम 'जीरो ई' (शून्य उत्सर्जन) है।
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इसमें कहा गया है कि पहली अवधारणा टर्बोफैन (एक जेट इंजन जिसमें टरबाइन से चलने वाला पंखा होता है जो इंजन को मजबूती प्रदान करता है) डिजाइन वाला होगा। इस विमान की क्षमता 120 से 200 यात्रियों की होगी, जिसका रेंज 2000 समुद्री मील से अधिक का होगा। टर्बोफैन डिजाइन विमान के अंतर महाद्वीपीय परिचालन में सक्षम बनाएगा और दहन के माध्यम से जेट ईंधन की बजाय हाइड्रोजन पर चलने वाले एक परिवर्तित गैस-टरबाइन इंजन द्वारा संचालित किया जाएगा।
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एयरबस के भारत के अध्यक्ष रेमी मिल्लार्ड ने कहा कि, 'हमारा मानना है कि हाइड्रोजन भविष्य में धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धी लागत वाला बन जाएगा क्योंकि न केवल विमानन बल्कि अन्य उद्योग भी हाइड्रोजन उर्जा स्रोत की तरफ कदम बढाएंगे।
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मिल्लार्ड ने कहा कि, 'निश्चित तौर पर, कई चुनौतियां हैं जिसमें हाइड्रोजन की उपलब्धता और इसके उत्पादन का डिकार्बोनाइजेशन और हाइड्रोजन से चलने वाले विमान का वायु प्रमाणन प्रमुख है। उन्होंने कहा कि हवाईअड्डों को परिचालन में दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोजन परिवहन एवं ईंधन भरने की बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता होगी ।