हर हाल में होगा एयर इंडिया का निजीकरण: हरदीप सिंह पुरी
- नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया बयान।
- सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया का निजीकरण हर हाल में होगा।
- एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2018-19 में 8,400 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।
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नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि कर्ज के तले दबी सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया का निजीकरण हर हाल में होगा। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया जारी है। अब इसके निजीकरण के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
Union Civil Aviation Minister Hardeep Singh Puri: We do not become a slave to or victim of certain deadlines, we are doing it seriously. We are trying to do it (privatisation of Air India) as quickly as possible. https://t.co/cin9O6HPBj pic.twitter.com/XJh98vm5d8
— ANI (@ANI) December 31, 2019विज्ञापन
जल्द से जल्द होगा निजीकरण
आगे उन्होंने कहा कि एयर इंडिया प्रथम श्रेणी की एयरलाइन है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि इसका निजीकरण किया जाएगा। हम इसका विनिवेश जल्द से जल्द करने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल 60 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज
करीब 60 हजार करोड़ के कर्ज में दबी एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2018-19 में 8,400 करोड़ रुपये का जबरदस्त घाटा हुआ है। एयर इंडिया को ज्यादा ऑपरेटिंग कॉस्ट और विदेशी मुद्रा में घाटे के चलते भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इन हालातों में एयर इंडिया तेल कंपनियों को ईंधन का बकाया नहीं दे पा रही है। हाल ही में तेल कंपनियों ने ईंधन सप्लाई रोकने की भी धमकी दी थी। लेकिन फिर सरकार के हस्तक्षेप से ईंधन की सप्लाई को दोबारा शुरू कर दिया गया था। केंद्र सरकार, एयर इंडिया में अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने जा रही है।
तीन सालों में सबसे अधिक घाटा
तीन सालों के दौरान एयर इंडिया का घाटा सबसे शीर्ष पर रहा। कंपनी की नेटवर्थ माइनस में 24,893 करोड़ रुपये रही, वहीं नुकसान 53,914 करोड़ रुपये का रहा। भारी उद्योग मंत्री अरविंद गणपत सावंत ने कहा कि पीएसयू विभाग ने रिवाइवल और रिस्ट्रक्चरिंग पर जोर दिया है। सरकार अपनी तरफ से ऐसी कंपनियों में फिर से पैसा कमाने के नए तरीकों पर काम कर रही है।