अभी तक नहीं मिली है एयर इंडिया के कर्मचारियों को सैलरी, जुलाई से पड़े लाले
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सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया के कर्मचारियों की परेशानियां दूर होने का नाम नहीं ले रही है। एक बार फिर से कर्मियों को सैलरी संकट से दो-चार होना पड़ रहा है। अभी तक कर्मचारियों को जुलाई की सैलरी नहीं मिली है।
पांचवी बार हुआ ऐसा
कर्मचारियों की सैलरी देरी से आने का यह पहला मामला नहीं है। कंपनी ने इससे पहले भी मार्च, अप्रैल, मई और जून में वेतन देने में देरी की थी। अब यह ऐसा पांचवी बार है, जब कर्मचारियों की सैलरी समय पर नहीं मिली है।
11 हजार कर्मचारी
एयर इंडिया के पूरे देश में करीब 11 हजार कर्मचारी हैं। इन सभी कर्मियों को प्रबंधन की तरफ से अभी तक इस बात की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, कि कब तक वो सैलरी जारी करेगा। एयर इंडिया के सूत्रों के मुताबिक कर्मचारियों के बैंक खातों में सैलरी कब तक जमा होगी, इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। वैसे कर्मचारियों को महीने की आखिरी तारीख को सैलरी आ जाती है।
संसद से लेना है अनुमोदन
सरकार को अभी संसद से 980 करोड़ रुपये का अनुमोदन लेना है, जिसके बाद ही कर्मचारियों को सैलरी मिल सकेगी। 26 जुलाई को नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने लोकसभा में बताया था कि मई में कर्मियों को सैलरी देने में कुछ देरी हुई थी। जून की सैलरी कर्मियों को 2 जुलाई को मिली थी।
बिकेगा मुख्यालय
एयर इंडिया मुंबई के पॉश नरीमन प्वाइंट इलाके में स्थित अपनी 23 मंजिली ऐतिहासिक इमारत ‘एयर इंडिया भवन’ को बेचकर कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे जुटाएगी। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कही, जो एयर इंडिया के विनिवेश के लिए बनाये गए मंत्री समूह के सदस्य भी हैं।
अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में नितिन गडकरी ने बताया कि इस समय एयर इंडिया को कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में दिक्कत हो रही है, इसलिए उसे पैसे की जरूरत है।
इसी जरूरत को पूरा करने के लिए उसकी मुंबई के नरीमन प्वाइंट इलाके की 23 मंजिली इमारत बेची जाएगी। इसे नौवहन मंत्रालय के तहत काम करने वाला जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) खरीदेगा।
चल रहा है कीमत आंकने का काम
उन्होंने बताया कि इस समय जहाजरानी मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से इस इमारत की कीमत आंकने का काम चल रहा है। उम्मीद है कि एक-आध सप्ताह में ही कुछ खबर आ जाए।
उनका कहना है कि नरीमन प्वाइंट का एयर इंडिया भवन देश की शान है और इससे उनका भावनात्मक जुड़ाव है। इसलिए वह चाहते हैं कि इसे जेएनपीटी खरीद ले। यह भवन 1974 में बना था।