कोयला आपूर्ति ठेका: अडाणी एंटरप्राइजेज ने दी सफाई, कहा- नहीं की कोई गड़बड़ी
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अडाणी एंटरप्राइजेज ने सोमवार को बयान दिया है कि उसने कोयला आपूर्ति में कोई गड़बड़ी नहीं की है। सीबीआई ने कोयले की आपूर्ति से जुड़े ठेके में कथित अनियमितता के मामले में अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) के पूर्व चेयरमैन और पूर्व प्रबंध निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिसको लेकर कंपनी ने यह सफाई दी है।
यह है मामला
यह मामला आंध्र प्रदेश पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन को आयातित कोयले की आपूर्ति के ठेके से जुड़ा है। सीबीआई के अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों और भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है।
सीबीआई ने इस मामले में अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) के पूर्व चेयरमैन विरेंदर सिंह और पूर्व प्रबंध निदेशक जीपी गुप्ता को नामजद किया है।
कंपनी ने बीएसई को दी जानकारी
कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को सफाई दी और कहा कि, 'यह मामला पुराना है। कंपनी ने प्रक्रियाओं, सभी औपचारिकताओं और संबंधित नियमों का अनुपालन किया है। कंपनी ने कोयले की आपूर्ति में कुछ भी गलत नहीं किया है।'
यह मामला आंध्र प्रदेश पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन को आयातित कोयले की आपूर्ति के ठेके से जुड़ा है। साल 2010 में आंध्र प्रदेश पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन ने किसी भी बंदरगाह से डॉक्टर नरला टाटा राव थर्मल पावर स्टेशन, विजयवाड़ा और रायलसीमा थर्मल पावर संयंत्र, कडपा को छह लाख टन कोयले की आपूर्ति के लिए निविदा जारी की थी। यह बंदरगाह से अंतिम स्टेशन तक कोयला पहुंचाने का ठेका था।