मुरादाबादः कोरोनावायरस खोल रहा दिल्ली फेयर की कामयाबी के रास्ते
चीन में फैले कोरोना वायरस की वजह से चीन में 23 अप्रैल से शुरू होने जा रहा कैंटोन स्प्रिंग फेयर कैंसिल होने की कगार पर है। कैंटोन के पहले सत्र में चीन सरकार ने इंटरनेशनल पवैलियन को बंद करने का फैसला लिया है। इसे कैंटोन को कैंसिल करने की ओर ही पहला कदम माना जा रहा है।
यदि कैंटोन रद्द होता है तो 15 से 19 अप्रैल तक लगने वाले आईएचजीएफ दिल्ली फेयर में बायर्स की संख्या बढ़ना तय माना जा रहा है। फ्रैंकफर्ट में चल रहे एम्बियन्ते फेया में भी इस बार दिल्ली फेयर को लेकर इंक्वायरी बढ़ी है। इसे भी दिल्ली फेयर के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है।
आईएचजीएफ स्प्रिंग फेयर हमेशा फरवरी में आयोजित होता था।
पहली बार है जब स्प्रिंग फेयर की तारीखें बदलकर इसे अप्रैल में शिफ्ट किया गया है। पहली बार स्प्रिंग आईएचजीएफ दिल्ली फेयर 15 अप्रैल से 19 अप्रैल तक लगेगा। इसके बाद 23 अप्रैल से चीन में कैंटोन फेयर प्रस्तावित है। कैंटोन को दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल फेयर के रूप में पहचाना जाता है। चीन सरकार ने कैंटोन के पहले सत्र में लगने वाले इंटरनेशनल पवेलियन को बंद कर दिया है।
हर बार की तरह इस बार विदेशियों को चीन ने इस सत्र में आने का न्यौता नहीं दिया है। कैंटोन की वेबसाइट इंटरनेशनल पवेलियन को बंद रखने की जानकारी दे दी गई है। निर्यातकों का मानना है कि केरोना वायरस की वजह से चीन सरकार इस बार कैंटोन को पूरी तरह से रद्द कर सकती है। वैसे भी यदि कैंटोन को इन हालात में आयोजित भी किया गया तब भी केरोना के खौफ की वजह से विदेशी बायर्स वहां का रुख मुश्किल से ही करेंगे।
कैंटोन रद्द होने की आहट से आईएचजीएफ दिल्ली फेयर को लेकर तैयारियां और भी तेज कर दी गई हैं। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में चल रहे एम्बियन्ते फेयर में इंडिया पवेलियन खोलकर दिल्ली स्प्रिंग फेयर का प्रमोशन किया जा रहा है। निर्यातकों का कहना है कि एम्बियन्ते में आ बायर्स भी दिल्ली फेयर को लेकर इंक्वायरी कर रहे हैं। यह इंक्वायरी पिछले फेयर की तुलना में अधिक है।
निर्यातकों की अर्जी, चीनियों को हमारे हॉल से हटाओ
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में सात फरवरी से चल रहे एम्बियन्ते फेयर में मुरादाबाद के निर्यातकों ने मैसे फ्रैंकफर्ट को अर्जी देकर फेयर के हाल नंबर नौ से चीनी निर्यातकों को हटाने का अनुरोध किया। लेकिन मैसे फ्रैंकफर्ट ने निर्यातकों की अर्जी कर दी। चीनी निर्यातक पहले से आवंटित खुद के स्टॉल्स पर ही कारोबार करेंगे।
कोरोना वायरस की वजह से इस बार एम्बियन्ते फेयर में चीनी निर्यातकों के स्टॉल्स पिछले वर्षों की तुलना में कुछ कम हैं। कई चीनी निर्यातक ऐसे हैं जिन्होंने स्टॉल आवंटित तो कराए लेकिन कोरोना की वजह से फ्लाइट कैंसिल होने से फेयर में नहीं पहुंच सके। कुछ के सैंपल फेयर ग्राउंड तक नहीं पहुंचे तो कुछ फैक्टरी बंद होने की वजह से अपने सैंपल तैयार नहीं करा सके।
इसके बावजूद चीन के कुछ बायर्स फेयर में अपने स्टॉल्स लगा रहे हैं। इनकी ज्यादा संख्या एम्बियन्ते के हॉल नंबर नौ में है। इसी हाल में मुरादाबाद के कुछ निर्यातक भी हैं। निर्यातकों का कहना है कि जिस हाल में चीनी हैं उसमें जाने से बायर्स परहेज कर रहे हैं। ऐसे में हाल नंबर नौ से भी बायर्स ने पहले दिन दूरी बनाए रखी।
इससे परेशान मुरादाबाद के कुछ निर्यातकों ने एम्बियन्ते के आयोजनकर्ता मैसे फ्रैंकफर्ट को अर्जी देकर कहा कि चीनी निर्यातकों को उनके हॉल से हटाया जाए। उनके हाल में रहने से उनका बिजनेस प्रभावित हो रहा है। लेकिन मैसे फ्रैंकर्फर्ट ने ऐसा करने से इंकार कर दिया है।