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कोरोना वायरस: भारतीय कारखानों को पुराने ढर्रे पर लौटने में लग सकता है नौ माह का वक्त
Fri, 20 Mar 2020 01:05 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 20 Mar 2020 01:05 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
कोरोना वायरस के फैलाव को अगली तिमाही की शुरुआत में ही यदि देश में सीमित कर लिया जाता है, तब भी भारतीय कारखानों को पुराने उत्पादन स्तर पर लौटने में छह से नौ माह का वक्त लग सकता है। भारतीय उद्योग जगत ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस ने निकट से मध्यम अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार को बहुत मुश्किल बना दिया है। देश में भी कई तरीकों से बाधा खड़ी हुई है और इससे देश की वृद्धि की रफ्तार प्रभावित होगी।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही कोरोना वायरस को एक वैश्विक महामारी घोषित कर चुका है। दुनियाभर में इससे मरने वालों की संख्या 8,000 को पार कर चुकी है। इसमें चार भारत से हैं। उद्योग जगत के संगठन एसोचैम ने इस संबंध में एक रपट जारी की है। रपट में लोगों के घरों से काम करने, दुकानों, मॉलों को बंद करने की तारीफ की गई है। साथ ही कहा गया है कि इसका असर अर्थव्यवस्था और ग्राहकों के व्यय पर पड़ेगा।
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रपट में कहा गया है कि ‘यदि इस महामारी को अगली तिमाही की शुरुआत में फैलने से रोक लिया जाता है तो कारखानों को अपने नियमित उत्पादन स्तर पर आने में दो से तीन तिमाहियों का वक्त लगेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला सामान्य हो पाएंगी। उद्योग मंडल फिक्की ने कहा कि कोरोना वायरस का असर बहुत गहराई तक हो सकता है। चीन समेत दुनिया की अर्थव्यवस्था पहले ही बहुत नीचे बनी हुई है।
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