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कंपनियों को दिवालिया कानून से एक साल तक मिल सकती है राहत
Fri, 24 Apr 2020 07:29 AM IST
योगेश साहू
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 24 Apr 2020 07:29 AM IST
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सरकार ने कॉरपोरेट जगत को बड़ी राहत देते हुए दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) के प्रावधानों को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। साथ ही कहा है कि वित्तीय स्थिति को देखते हुए इस निलंबन को एक साल तक बढ़ाया जा सकता है। इस बाबत जल्द अध्यादेश जारी हो सकता है।
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सूत्रों ने बताया कि बुधवार को कैबिनेट बैठक में ही आईबीसी की धारा 7, 9 और 10 लागू किए जाने पर छह महीने की रोक लगाने का फैसला किया गया था। अब कर्ज न चुकाने वाली कंपनियों के खिलाफ नए सिरे से दिवालिया प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें वे कंपनियां शामिल नहीं होंगी, जो पहले से ही प्रक्रिया में चली गई हैं।
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कोरोना महामारी के बीच कॉरपोरेट जगत को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है, जहां डिफाल्टर को अब न्यूनतम छह महीने तक दिवालिया कानून से छूट मिलेगी। इस कदम से बैंकों को भी अब कर्ज का पुनर्गठन करना होगा। अध्यादेश जारी होने के साथ ही नया नियम लागू हो जाएगा। अभी 90 दिन तक कर्ज न चुकाने पर डिफाल्टर के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। नियमों में बदलाव को लेकर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले ही संकेत दे दिए थे।
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धारा 7, 9, 10 के मौजूदा प्रावधान
- धारा 7 : यह वित्तीय कर्जदाताओं को डिफॉल्टर्स के खिलाफ दिवालिया प्रावधान शुरू करने का अधिकार देता है।
- धारा 9 : यह संचालन कर्जदाताओं (आपूर्तिकर्ता कंपनियों) को डिफॉल्टर्स के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवेदन का अधिकार देता है।
- धारा 10 : यह डिफॉल्ट करने वाली कंपनी को कॉरपोरेट दिवालिया प्रक्रिया में जाने के लिए आवेदन का अधिकार देता है।