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वर्ल्डलाइन इंडिया की रिपोर्ट: डेबिट-क्रेडिट कार्ड और यूपीआई से भुगतान के तीसरी तिमाही में कुछ ऐसे रहे हालात, पाइए पूरी जानकारी
Thu, 02 Dec 2021 08:18 PM IST
गौरव पाण्डेय
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 02 Dec 2021 08:18 PM IST
सार
रिपोर्ट में सामने आया है कि पिछले साल की तीसरी तिमाही के मुकाबले इस साल की तीसरी तिमाही में यूपीआई की मात्रा में 103 फीसदी और कीमत में लगभग 100 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
वर्ल्डलाइन इंडिया ने एक डिजिटल भुगतान रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में सार्वजनिक डाटाबेस में उपलब्ध लेन-देन के साथ वर्ल्डलाइन इंडिया की ओर से संसाधित किए गए लेन-देन का विश्लेषण किया गया है।
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क्रेडिट-डेबिट कार्ड की कुछ ऐसी रही स्थिति
सितंबर 2021 कर सर्कुलेशन में रहे कार्ड की संख्या 98.53 करोड़ रही। इनमें से 92.03 डेबिड कार्ड और 6.50 करोड़ क्रेडिट कार्ड थे। डेबिट कार्ड में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 8.65 फीसदी और क्रेडिट कार्ड में 10.78 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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इस तिमाही में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन की मात्रा और कीमत क्रमश: 55.72 करोड़ और 2.32 लाख करोड़ रुपये रही। इसके अलावा, डेबिट कार्ड के जरिए जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान 148 करोड़ लेनदेन हुए और इन लेनदेन की कीमत 1.88 लाख करोड़ रुपये रही।
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यूपीआई लेन-देन ने स्थापित किए नए रिकॉर्ड
सितंबर 2021 में यूपीआई की कुल मात्रा में से 54 फीसदी लेन-देन पी2पी (व्यक्ति से व्यक्ति) जबकि 46 फीसदी पी2एम (व्यक्ति से व्यापारी) रहे। इससे यह साफ पता चलता है कि यूपीआई ने पी2पी और पी2एम के बीच अंतर को प्रबंधित करने का काम किया है।
यूपीआई के जरिए हुए लेन-देन की मात्रा 365 करोड़ और कीमत 65 लाख करोड़ रुपये रही। अक्तूबर में यूपीआई मात्रा और कीमत में सर्वकालिक उच्च लेनदेन रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान मात्रा 400 करोड़ और कीमत 771000 लाख करोड़ रुपये रही थी।
यूपीआई के इकोसिस्टम में आए 30 नए बैंक
2020 की तीसरी तिमाही के मुकाबले 2021 की तीसरी तिमाही में यूपीआई की मात्रा में 103 फीसदी का इजाफा और कीमत में लगभग 100 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। इसके अलावा इस तिमाही में 30 नए बैंकों ने भी यूपीआई इकोसिस्टम में प्रवेश किया।
वर्ल्डलाइन दक्षिण एशिया एवं मध्य पूर्व के प्रबंध निदेशक दीपक चांदनानी ने कहा, भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता डिजिटल भुगतान बाजार बनने की ओर अग्रसर है। कोविड महामारी के बावजूद यहां के ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल भुगतान बढ़ा है।