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US Tariff: क्या दवाओं पर ट्रंप के 100% टैरिफ से भारत पर भी असर, नए फैसले से कितना प्रभावित होगा फार्मा सेक्टर?

Fri, 03 Apr 2026 11:30 AM IST
Riya Dubey बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Fri, 03 Apr 2026 11:30 AM IST
सार

अमेरिका ने पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाया है, लेकिन भारत की जेनेरिक दवाओं को फिलहाल छूट दी गई है। इससे अभी राहत है, मगर भविष्य में फार्मा सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं। 

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Will Trump's 100% tariff on medicines affect India too? How much it will affect pharma sector
फार्मा सेक्टर पर क्या असर? - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सप्लाई चेन जोखिमों का हवाला देते हुए पेटेंटेड फार्मास्युटिकल उत्पादों के आयात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है। यह निर्णय सेक्शन 232 जांच के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य दवा आपूर्ति में विदेशी निर्भरता को कम करना है।
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जेनेरिक दवाओं को टैरिफ से रखा गया बाहर

हालांकि भारत के लिए राहत की बात यह है कि जेनेरिक दवाओं को फिलहाल इस टैरिफ से बाहर रखा गया है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय कंपनियों की प्रमुख ताकत माने जाने वाले जेनेरिक ड्रग्स पर अभी कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इससे भारत से अमेरिका को होने वाले सस्ते दवाओं के निर्यात पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा।
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भारत की फार्मा इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा अमेरिकी जेनेरिक बाजार पर निर्भर है और इस छूट से अल्पकाल में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ व्हाइट हाउस अधिकारी के अनुसार, भविष्य में जेनेरिक उत्पादन की स्थिति की समीक्षा कर टैरिफ नीति में बदलाव किया जा सकता है।
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भारत के लिए क्या चुनौती?

हालांकि, लंबे समय में यह फैसला भारत के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। पेटेंटेड दवाओं और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) पर भारी टैरिफ से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिसमें भारतीय कंपनियां अहम भूमिका निभाती हैं। खासकर कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंटरमीडिएट सप्लाई के क्षेत्र में इसका असर देखने को मिल सकता है।

कंपनियों को लेकर ट्रंप प्रशासन का क्या रुख

अमेरिकी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों के पास अमेरिका में उत्पादन शिफ्ट करने की योजना नहीं होगी, उनके भारत से आयातित पेटेंटेड उत्पादों पर 100 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। हालांकि, जो कंपनियां उत्पादन अमेरिका में स्थानांतरित करने के लिए प्रतिबद्ध होंगी, उन्हें शुरुआती राहत के तौर पर 20 प्रतिशत टैरिफ दिया जाएगा, जो चार साल में बढ़कर 100 प्रतिशत हो जाएगा।

कैसे लागू होगा टैरिफ?

यह टैरिफ जुलाई और सितंबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में अमेरिका में वितरित लगभग 53 प्रतिशत पेटेंटेड दवाएं विदेशों में बनती हैं, जबकि केवल 15 प्रतिशत APIs का उत्पादन घरेलू स्तर पर होता है। ऐसे में किसी वैश्विक संकट की स्थिति में दवाओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।


अमेरिका का मानना है कि कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली पेटेंटेड दवाओं के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है। इसी उद्देश्य से घरेलू उत्पादन और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।



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