Diwali 2022: दिवाली की रात क्यों खेला जाता है 'जुआ'? क्या आपको भी खेलना चाहिए? जानें सबकुछ
Diwali 2022: हमारे देश के गांव, कस्बों और शहरों में दिवाली के दिन बड़े पैमाने पर लोग जुआ खेलते हैं। लेकिन, क्या आपको इस चलन के पीछे की कहानी मालूम है। आइए जानते हैं कि दिवाली के दिन लोग जुआ क्यों खेलते है? क्या आपको भी दीपोत्सव के दिन जुआ खेलना चाहिए? क्या हो सकता है जुआ खेलने का विकल्प?
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देश में धूमधाम से दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। दीपोत्सव के लिए लोगों ने लंबे समय से तैयारी कर रखी है। आज के दिन के लिए महीनों पहले से साफ-सफाई शुरू हो गई थी। अब अंततः दिवाली को इंज्वाय करने का दिन आ गया है। हालांकि इस इंज्वायमेंट के दौरान हमें कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं दिवाली के दिन जुआ खेलने के रिवाज की। हमारे देश के गांव, कस्बों और शहरों में दिवाली के दिन बड़े पैमाने पर लोग जुआ खेलते हैं। लेकिन, क्या आपको इस चलन के पीछे की कहानी मालूम है। आइए जानते हैं कि दिवाली के दिन लोग जुआ क्यों खेलते है? क्या आपको भी दीपोत्सव के दिन जुआ खेलना चाहिए? क्या हो सकता है जुआ खेलने का विकल्प?
भगवान-शिव और पार्वती से जुड़ा किस्सा है प्रचलन में?
पौराणिक कथाओं के अनुसार लोगों के बीच मान्यता है कि दीपावली की रात यानी कार्तक मास की अमावस्या की रात को भगवान शिव ने माता पार्वती के साथ चौसर खेला था, इसमें भगवान शिव हार गए थे। उसी समय से दिवाली खेलने की परंपरा शुरू हो गई। हालांकि इस बात का वर्णन किसी धार्मिक ग्रंथ में नहीं हैं।
दिवाली के दिन जुआ खेलने को कुछ लोग मानते हैं शुभ
दिवाली के दिन जुआ खेलने को कुछ लोग शुभ मानते हैं। हालांकि, पैसे लगातार जुआ खेलना अशुभ ही माना जाता है। जुए की लत के कारण ही महाभारत काल में पांडव अपनी धन, संपदा के साथ-साथ अपनी पत्नी तक हार गए थे। जुए की लत इंसान बरबाद कर देती है। ऐसे में यह शुभ तो कतई नहीं हो सकता है।
शगुन की रात मानी जाती है दीपावली की रात
दीपावली की रात शगुन की रात मानी जाती है। मान्यता है कि इस रात माता लक्ष्मी का घर आने के लिए आह्वान किया जाता है। बड़े पैमाने पर लोग मानते हैं कि अगर इस दिन रात जुआ खेला जाए इसमें हुई हार-जीत सालभर होने वाली हार-जीत का संकेत होती है। लोगों का मानना है कि इस रात जुए में जीत मिलने से भाग्य सालभर चमकता रहता है। मगर सच्चाई तो यह है कि दिवाली के जुआ खेलने से आपको इसकी लत लग सकती है। अगर आपने कभी दिवाली की रात जुआ नहीं खेला है, तो आपको इससे बचकर ही रहना चाहिए।
जुआ खेलने की बजाय कर सकते हैं यह काम
हमारे देश में लोग परंपरा को निभाने के लिए दिवाली की रात जुआ खेलते हैं। हालांकि, लोगों को इससे बचना जरूरी है। अगर आप फिर भी शगुन-अपशगुन की इस धारणा में विश्वास करते हैं तो बिना पैसे लगाए मनोरंजन के लिए इसे खेल सकते हैं। इससे आपको पैसों का नुकसान भी नहीं हाेगा और मित्रों व परिवारवालों से आपकी घनिष्ठता भी बढ़ेगी। पैसा लगाकर दिवाली की रात जुआ खेलना शुभ ना होकर आपके लिए अशुभ भी हो सकता है। मा लक्ष्मी रूठ भी सकती हैं। आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में हमारी सलाह है कि दिवाली की रात जुआ खेलने से बचें, अगर खेलें तो भी बिना पैसे लगाए खेलें।