{"_id":"68ed26e53882b9c97e07ae7e","slug":"vijay-mallya-discontinues-bankruptcy-annulment-application-in-uk-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Vijay Mallya: विजय माल्या ने ब्रिटेन में दिवालियापन रद्द करने का आवेदन वापस लिया, जानिए क्या है पूरा मामला","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Vijay Mallya: विजय माल्या ने ब्रिटेन में दिवालियापन रद्द करने का आवेदन वापस लिया, जानिए क्या है पूरा मामला
Mon, 13 Oct 2025 09:51 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 13 Oct 2025 09:51 PM IST
सार
धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहे विजय माल्या से जुड़ी एक अहम जानकारी ब्रिटेन से सामने आई है। क्या है अपडेट आइए जानते हैं।
विज्ञापन
विजय माल्या
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहे विजय माल्या से जुड़ी एक अहम जानकारी ब्रिटेन से सामने आई है। भारत में वांछित विजय माल्या ने सोमवार को लंदन में होने वाली सुनवाई से पहले अपने खिलाफ दिवालियापन आदेश को रद्द करने के लिए दिया गया आवेदन वापस ले लिया।
विज्ञापन
इसका मतलब है कि 'दिवालियापन ट्रस्टी' भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले बैंकों का संघ 69 वर्षीय किंगफिशर एयरलाइंस पर बकाया लगभग 1.05 बिलियन पाउंड के अनुमानित ऋण के भुगतान को हासिल करने के लिए परिसंपत्तियों की तलाश जारी रख सकेगा।
विज्ञापन
बैंकों का प्रतिनिधित्व करने वाली ब्रिटेन की कानूनी फर्म टीएलटी एलएलपी ने एक बयान में कहा, "विजय माल्या के दिवालियापन ट्रस्टी, उनकी दिवालियापन संपत्ति के अंतर्गत आने वाली संपत्तियों की जांच और वसूली का काम बिना किसी बाधा के जारी रख सकेंगे।"
विज्ञापन
माल्या ने यह कदम हाईकोर्ट के न्यायाधीश एंथनी मान की ओर से बैंकों के पक्ष में दिए गए फैसले के उठाया है। इसमें चार वर्ष से अधिक पुराने दिवालियापन आदेश को बरकरार रखा गया था। इस बीच, माल्या अपने वकीलों जैवाला एंड कंपनी के जरिए 2021 के दिवालियापन आदेश को रद्द करने के लिए याचिका दायर कर रहे थे। इसका आधार यह था कि बैंकों का कर्ज भारत में पहले ही वसूल किया जा चुका है।
माल्या के खिलाफ एसबीआई और अन्य के मामले की सुनवाई मई 2018 से शुरू हुई है। उस दौरान डीआरटी के फैसले के आधार पर बैंकों को वैश्विक फ्रीजिंग आदेश दिया गया था। तब से इस मामले में कई सुनवाइयां हुई हैं। इसके बाद 26 जुलाई, 2021 को माल्या के खिलाफ दिवालियापन आदेश जारी किया गया। इसके अलावा, भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध के संबंध में, माल्या ब्रिटेन में जमानत पर हैं, जबकि शरण आवेदन से संबंधित एक 'गोपनीय' कानूनी मामला सुलझ गया है।