Amar Ujala Samwad: 'निवेश के लिहाज से आने वाले 10 साल बहुत ही बेहतरीन और महत्वपूर्ण', संवाद के मंच पर दिग्गज
Amar Ujala Samwad Uttarakhand: उत्तराखंड अमर उजाला संवाद के मंच पर स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन की बात सत्र में मिराई असेट्स के सीईओ डॉ. स्वरूप मोहंती और वेंचर कैटेलिस्ट के को-फाउंडर डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा शामिल हुए। उन्होंने क्या-क्या कहा, आइए जानते हैं विस्तार से।
विस्तार
उत्तराखंड अमर उजाला संवाद के मंच पर स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन की बात सत्र में मिराई असेट्स के सीईओ डॉ. स्वरूप मोहंती और वेंचर कैटेलिस्ट के को-फाउंडर डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान डॉ. स्वरूप मोहंती ने कहा कि जो हम कंट्रोल कर सकते हैं, उसपर काम करते हैं।
कैपिटल मार्केट में रिस्क को परखकर आगे बढ़ना जरूरी: मोहंती
हम रात गई बात गई के आधार पर काम करते हैं। पैसा ट्रस्ट का बिजनेस है। इस भरोसे को बनाए रखना जरूरी है। यह बहुत ही डिसिप्लीन का काम है। इस देश में अगर कोई इन्वेस्ट न करें तो दिक्कत है। भारत में तीन जेनरेशन एक साथ इन्वेस्ट कर रहे हैं। तीनों के रिस्क प्रोफाइल अलग हैं। तीनों पीढ़ी की अलग-प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि जब आप 80-90 साल के हो जाएंगे तो आपका एक ही साथी होगा, वो है पैसा। निवेश करना बहुत जरूरी है। निवेश नहीं करना अपराध है। उन्होंने कहा कि थोड़ा रिस्क को परख कर आगे बढ़े तो हम जीवन को अच्छे से आगे बढ़ा सकता है। 10 साल खरीद कर बाजार में बैठना जरूरी है। अगर हम इसे जाने देंगे तो बड़ा मौका गंवा देंगे। उसके बाद जो जिंदगी बनेगी उसके बारे में जरा सोचिए।
स्टार्टअप में निवेश हाई रिस्क रिटर्न असेट क्लास है: अपूर्व
अमर उजाला संवाद के मंच पर वेंचर कैटेलिस्ट के को-फाउंडर डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सबको समझ आ गया कि सेल्फ डिफेंस जरूरी हैं, इसलिए लोगों का भरोसा इस तरह की कंपनियों पर बढ़ा है। हम भी इस तरह की कंपनियों में निवेश कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि स्टार्टअप में निवेश हाई रिस्क हाई रिटर्न असेट क्लास है। अगर हमने रिस्क नहीं लिया होता तो आपके सामने ओयो रूम्स, भारत पे और शिप रॉकेट जैसी कंपनियां नहीं होती।
आज हमारी 11 यूनिकॉर्न हैं। भारत में 110 यूनिकॉर्न्स हैं, उसमें से 11 हमारी है। इसलिए रिस्क लेना पड़ता है। ये उनके लिए रिस्क लिया जा रहा है, हमारे फ्यूचर हैं। ये स्टार्टअप्स छोटे-छोटे शहर से आ रहे हैं। उनकी उम्मीदों को पंख देने के लिए रिस्क लेना जरूरी है। रिस्क हर क्षेत्र हैं। पर स्टार्टअप्स को सफलता मिलती है तो वे रोजगार क्रिएट करते हैं। इसमें निवेश का फायदा यह है कि हम स्टार्टअप्स के मामले में दुनिया में तीसरे देश बन चुके हैं। हालांकि, स्टार्टअप्स के निवेश के मामले में हिट रेशियो थोड़ा काम होता है।