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US: 'चुनावी वर्ष में राजकोषीय प्रबंधन...', जानें भारत के अंतरिम बजट पर क्या बोला अमेरिकी व्यापार संगठन
Tue, 06 Feb 2024 10:30 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Tue, 06 Feb 2024 10:30 AM IST
सार
अमेरिका-भारत रणनीतिक और साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) ने बढ़ते अमेरिका-भारत वाणिज्यिक संबंधों के अनुरूप बुनियादी ढांचे, समावेशी विकास और राजकोष की मजबूती पर सरकार के लगातार ध्यान देने की सराहना की।
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : PIB
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विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल एक फरवरी को संसद में अंतरिम बजट 2024 पेश किया था। अंतरिम बजट में वृद्धि पर ध्यान देने के लिए अमेरिका स्थित भारत-केंद्रित व्यापार वकालत समूह ने सीतारमण की सराहना की। साथ ही कहा कि यह अंतरिम बजट चुनावी वर्ष में जिम्मेदार राजकोषीय प्रबंधन को दर्शाता है।
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अमेरिका-भारत रणनीतिक और साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) ने बढ़ते अमेरिका-भारत वाणिज्यिक संबंधों के अनुरूप बुनियादी ढांचे, समावेशी विकास और राजकोष पर सरकार के लगातार ध्यान रखने की सराहना की। यूएसआईएसपीएफ ने कहा, 'अंतरिम बजट में कोई बड़ी नीतिगत घोषणा नहीं की गई है, यह चुनावी वर्ष में जिम्मेदार राजकोषीय प्रबंधन को दर्शाता है।'
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बता दें, भारत में अप्रैल और मई के बीच आम चुनाव होने की उम्मीद है।
राजकोषीय घाटा 5.1 फीसदी तक होगा सीमित
बजट अनुमानों के अनुसार, आगामी वित्त वर्ष 2025 के लिए राजकोषीय घाटा 5.1 फीसदी तक सीमित हो जाएगा और जीडीपी की वृद्धि छह से सात फीसदी के बीच रहेगी। वहीं, सरकार की प्राथमिकताएं सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन के लिए अल्पकालिक खर्च पर केंद्रित रहेंगी और पूंजीगत व्यय में मध्यम अवधि की वृद्धि होगी।
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इसमें करेगी मदद
यूएसआईएसपीआईएफ ने कहा, 'हमारा मानना है कि राजकोषीय मजबूती की रूपरेखा के तहत ये प्राथमिकताएं भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, सरकार की कर्ज लेने की लागत को कम करने और विदेश व्यापार तथा निवेश को समर्थन देने में मदद करेंगी, जो अमेरिका-भारत साझेदारी की नींव है।'
बजट ने पूंजीगत व्यय को बढ़ाया
समूह ने कहा, 'अमेरिका-भारत के बढ़ते वाणिज्यिक संबंधों के अनुरूप हम बुनियादी ढांचे, समावेशी विकास और राजकोषीय मजबूती पर सरकार के निरंतर ध्यान की सराहना करते हैं। साल 2024 के बजट ने पूंजीगत व्यय को बढ़ा दिया है, जो 133.9 अरब डॉलर हो गया है। यह आर्थिक विकास के इंजन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।'
साथ ही, सरकार ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण को प्राथमिकता दी है, जिसमें सड़कों, रेलों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों के लिए 130 अरब डॉलर आवंटित किए गए हैं। इन सभी निवेशों से इन क्षेत्रों में निजी निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी शामिल है।
इसकी भी की सराहना
यूएसआईएसपीआईएफ ने कहा, 'हम बजट में शामिल महत्वपूर्ण सामाजिक खर्च को भी पहचानते हैं और उसका समर्थन करते हैं जैसे कि अगले पांच वर्षों में 20 मिलियन किफायती घरों का निर्माण, जो नई नौकरियों और निर्माण क्षेत्र के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।' इसके अलावा, समूह ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में निरंतर कदमों की सराहना की, जिसमें 10 मिलियन घरों को मुफ्त रूफटॉप सौर-जनित बिजली प्रदान करने की परियोजना भी शामिल है।