फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   US tariffs are threatening millions of jobs in India, CTI writes a letter to PM Modi

US tariffs: 'अमेरिकी टैरिफ से भारत में लाखों नौकरियों पर मंडरा रहा संकट', सीटीआई ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

Wed, 27 Aug 2025 02:25 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Wed, 27 Aug 2025 02:25 PM IST
सार

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि भारत में लाखों नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। टैरिफ वृद्धि से भारतीय समान अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 35 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे। साथ ही उन्होंने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाने की अपील की। 

विज्ञापन
US tariffs are threatening millions of jobs in India, CTI writes a letter to PM Modi
अमेरिका ने भारत पर लगाया 50 फीसदी टैरिफ - फोटो : एडॉब स्टॉक

विस्तार

अमेरिकी टैरिफ से भारत में लाखों नौकरियों पर संकट के बादल छाएं हुए हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने प्रधानमंत्री मोदी को इससे संबंधित पत्र लिखा है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि 50 प्रतिशत टैरिफ का भारत के कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, ऑटो कलपुर्जे, रसायन, फार्मा, समुद्री खाद्य, इलेक्टॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: US tariff: अमेरिकी टैरिफ से बंगाल के निर्यात उद्योग पर दबाव, चमड़ा-सीफूड और इंजीनियरिंग सेक्टर को खतरा
विज्ञापन


भारतीय समान अमेरिकी बाजार में 35 प्रतिशत होंगे महंगे
उन्होंने कहा कि इसके कारण भारतीय समान अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 35 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे। इससे खरीदार दूसरे विकल्प चुनने के लिए मजबूर हो जाएंगे।सीटीआई के अनुसार इस बढ़ोतरी से 48 अरब डॉलर से ज्यादा मूल्य के भारतीय निर्यात प्रभावित हो सकते हैं। इंजीनियरिंग सामान जैसे क्षेत्रों, जिनका पिछले साल 1.7 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। इस पर भारी असर पड़ने की आशंका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले साल 92,000 करोड़ रुपये मूल्य के दवा निर्यात को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। पहले अमेरिका में शुल्क-मुक्त आने वाली दवाओं की कीमतें अब 50 प्रतिशत बढ़ जाएंगी। इससे भारतीय दवा कंपनियों को वियतनाम जैसे अन्य आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में नुकसान होगा।

भारत को भी टैरिफ में वृद्धि करने की सलाह
हालांकि, इन चिंताओं के बावजूद, गोयल ने सरकार को सलाह दी कि भारत को अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी टैरिफ लगाकर अमेरिका द्वारा की गई भारी टैरिफ वृद्धि का कड़ा जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को इस दबाव से नहीं डरना चाहिए। हमें अमेरिकी आयात पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए और साथ ही जर्मनी, ब्रिटेन, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में नए बाजार तलाशने चाहिए, जहां इंजीनियरिंग वस्तुओं की मांग बढ़ रही है। 

अमेरिकी आयातों पर निर्भरता करे कम
प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में गोयल ने आग्रह किया कि भारत को खनिज, कीमती पत्थर, धातु, विमान उपकरण, प्लास्टिक और रसायन जैसे अमेरिकी आयातों पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए।


इन पर लगा कितना टैरिफ?
सीटीआई महासचिव राहुल अदलखा और राजेश खन्ना ने यह भी बताया कि अमेरिका को भारत के निर्यात में 53 प्रतिशत फार्मास्यूटिकल्स, 53 प्रतिशत कपड़ा और परिधान, 37 प्रतिशत रत्न और आभूषण, 28 प्रतिशत ऑटो घटक, 13 प्रतिशत रसायन और 22 प्रतिशत समुद्री खाद्य शामिल हैं।

व्यापारियों के बीच भ्रम की स्थिति
उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रशासन की ओर से किसी स्पष्ट दिशा-निर्देश की कमी के चलते व्यापारियों के बीच भारी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि पहले से भेजे गए या ट्रांजिट में मौजूद माल पर नए टैरिफ का असर होगा या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed