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RBI: अस्पतालों व शैक्षणिक संस्थानों में UPI से भुगतान की सीमा बढ़ाई गई, अब पांच लाख रुपये तक कर सकेंगे भुगतान
Fri, 08 Dec 2023 12:14 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 08 Dec 2023 12:14 PM IST
सार
RBI: रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दिसंबर की द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि अब अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भुगतान के लिए यूपीआई लेनदेन की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये प्रति लेनदेन करने का प्रस्ताव किया गया है।
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यूपीआई
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए यूपीआई भुगतान सीमा को मौजूदा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की।
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रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दिसंबर की द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन की विभिन्न श्रेणियों की सीमा की समय-समय पर समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा, 'अब अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भुगतान के लिए यूपीआई लेनदेन की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये प्रति लेनदेन करने का प्रस्ताव किया गया है।'
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बढ़ी हुई सीमा से उपभोक्ताओं को शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल उद्देश्यों के लिए उच्च राशि का यूपीआई भुगतान करने में मदद करेगी। उन्होंने आगे कहा कि आवर्ती प्रकृति के भुगतान करने के लिए ई-मैंडेट ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो गए हैं।
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ई-मैंडेट फ्रेमवर्क के तहत 15,000 रुपये से अधिक के आवर्ती लेनदेन के लिए ऑथेंटिकेशन (एएफए) का एक अतिरिक्त फैक्टर जरूरी है।
गवर्नर ने कहा, 'म्यूचुअल फंड सब्सक्रिप्शन, इंश्योरेंस प्रीमियम सब्सक्रिप्शन और क्रेडिट कार्ड रीपेमेंट के आवर्ती भुगतान के लिए अब इस सीमा को बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति लेनदेन करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि इस कदम से ई-मैंडेट के उपयोग में और तेजी आएगी। एक अन्य घटनाक्रम में रिजर्व बैंक ने फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र में विकास की बेहतर समझ और इस क्षेत्र का समर्थन करने के लिए 'फिनटेक रिपॉजिटरी' स्थापित करने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा, 'रिजर्व बैंक इनोवेशन हब अप्रैल 2024 या उससे पहले इसका परिचालन शुरू कर देगा। फिनटेक को इस रिपॉजिटरी को स्वेच्छा से प्रासंगिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
भारत में बैंक और एनबीएफसी जैसी वित्तीय संस्थाएं फिनटेक के साथ तेजी से साझेदारी कर रही हैं। दास ने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक भारत में वित्तीय क्षेत्र के लिए क्लाउड सुविधा की स्थापना पर काम कर रहा है। बैंक और वित्तीय संस्थाएं डेटा की लगातार बढ़ती मात्रा को बनाए रख रही हैं। उन्होंने कहा कि उनमें से कई इस उद्देश्य के लिए क्लाउड सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'रिजर्व बैंक इस उद्देश्य के लिए भारत में वित्तीय क्षेत्र के लिए क्लाउड सुविधा स्थापित करने पर काम कर रहा है।' उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधा से डेटा सुरक्षा, अखंडता और गोपनीयता बढ़ेगी। यह बेहतर स्केलेबिलिटी और व्यावसायिक निरंतरता की सुविधा भी प्रदान करेगा। दास ने कहा कि क्लाउड सुविधा को मध्यम अवधि में चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का इरादा है।