{"_id":"63d71c621c7fe854690bb5b7","slug":"these-are-better-investment-options-to-tax-saving-invest-money-after-checking-many-criteria-2023-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tax Saving: टैक्स बचाने के लिए ये हैं निवेश के बेहतर विकल्प, कई मानदंडों को देखकर लगाएं पैसा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Tax Saving: टैक्स बचाने के लिए ये हैं निवेश के बेहतर विकल्प, कई मानदंडों को देखकर लगाएं पैसा
Mon, 30 Jan 2023 06:54 AM IST
देव कश्यप
अजीत सिंह, नई दिल्ली।
अजीत सिंह, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 30 Jan 2023 06:54 AM IST
सार
चालू वित्त वर्ष खत्म होने में अब केवल दो महीने ही रह गए हैं। लाखों वेतनभोगी निवेश के कार्य को अंतिम समय के लिए छोड़ देते हैं। आखिरी समय में जल्दबाजी में की गई गलती उनके लिए महंगी साबित होती है। निवेश पर टैक्स बचत के इन विकल्पों का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट...
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
विस्तार
निवेश करते समय कुछ प्रमुख मानदंडों जैसे रिटर्न, सुरक्षा, लचीलापन, तरलता, लागत, पारदर्शिता, निवेश में आसानी और आय पर टैक्स जैसे मुद्दों को भी देखना चाहिए। नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस 2023 में सबसे अच्छा कर-बचत विकल्प के रूप में उभर रहा है। यूलिप दूसरे स्थान पर है। इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) फंड तीसरे स्थान पर है। ऐसे संकेत हैं कि एनपीएस और यूलिप में डेट का विकल्प आने वाले महीनों में अच्छा रिटर्न देंगे। पारंपरिक बीमा पॉलिसी टैक्स बचाने का सबसे खराब विकल्प साबित हुई है। ये प्लान न तो अच्छा रिटर्न देता है और न ही खरीदारों को पर्याप्त कवर।
विज्ञापन
एनपीएस: अतिरिक्त कर कटौती, डेट और इक्विटी के बीच स्विच करने की सुविधा से करदाताओं को लाभ होगा। यह निवेशकों को चार साल में चार बार एसेट एलोकेशन बदलने की अनुमति देता है। तीन तरह से टैक्स बचा सकते हैं। पहला, 80सी के तहत 1.50 लाख तक के योगदान पर छूट का दावा कर सकते हैं। दूसरा, 80सीसीडी(1बी) के तहत 50,000 तक की अतिरिक्त कटौती है। तीसरा, नियोक्ता कर्मचारी के मूल वेतन का 10% तक एनपीएस में डालता है, तो वह राशि टैक्स मुक्त है।
विज्ञापन
यूलिप : डेट और इक्विटी के बीच स्विच करने की सुविधा। कर-मुक्त रिटर्न और आंशिक निकासी की संभावना इसे एक अच्छा विकल्प बनाती है। यूलिप के डेट फंड आने वाले महीनों में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। यूलिप में पैसा रिटायरमेंट तक लॉक नहीं होता है। पॉलिसीधारक समय-समय पर निकासी कर सकता है। इक्विटी से डेट और डेट से इक्विटी में स्विच करने पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
विज्ञापन
रिटायरमेंट म्युचुअल फंड
ये हाइब्रिड म्युचुअल फंड बॉन्ड के ज्यादा रिटर्न से लाभान्वित होंगे। लॉक-इन पीरियड भी लंबा नहीं है। ईएलएसएस फंड इक्विटी फंड हैं, इसलिए किसी अन्य विविधीकरण इक्विटी फंड के समान ही जोखिम उठाते हैं।
पीपीएफ : पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) का टैक्स बचत मामला इसे बैंक डिपॉजिट से ज्यादा आकर्षक बनाता है। पीपीएफ का 7.1% ब्याज बैंक जमा की तुलना में बेहतर है। पीपीएफ 15 साल के लिए है।
टैक्स सेविंग एफडी : टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट 7% से अधिक ब्याज दे रहे हैं। यह आकर्षक लग सकता है, लेकिन टैक्स निवेशक के रिटर्न को कम कर देता है। स्लैब दर पर ब्याज पूरी तरह से कर योग्य है।
सोना, शेयर और डेट में एक साथ निवेश : इसमें टैक्स तो नहीं बचेगा, पर बेहतर रिटर्न के लिए यह सही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह कि एक फंड से शेयर बाजार, डेट और सोने के साथ अन्य साधनों में भी निवेश कर सकते हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी-एसेट फंड, एक ऐसा फंड है जो कई वर्षों से इसे सफलतापूर्वक कर रहा है।
निवेश विकल्प के रूप में अच्छा है मल्टी एसेट
निवेश पोर्टफोलियो में जोखिम प्रबंधन की तलाश करना आर्थिक रूप से विवेकपूर्ण है। यहीं पर एक मल्टी-एसेट फंड एक उपयुक्त निवेश विकल्प के रूप में फिट बैठता है। इसका इक्विटी यह सुनिश्चित करता है कि आपकी धन सृजन यात्रा बरकरार है। डेट स्थिरता को प्रेरित करता है सोना महंगाई और अस्थिरता के खिलाफ बचाव करता है। -विपुल गुप्ता, म्यूचुअल फंड सलाहकार