फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   There is no separate mention of moonlighting in the income tax law, Know the mathematics of tax liability

Moonlighting: आयकर कानून में मूनलाइटिंग का अलग से कोई उल्लेख नहीं, जानें कर देनदारी का गणित

Mon, 07 Nov 2022 04:35 AM IST
देव कश्यप कालीचरण, नई दिल्ली।
कालीचरण, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 07 Nov 2022 04:35 AM IST
सार

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि आयकर विभाग व्यापार या पेशेवर कमाई पर पीजीबीपी (प्रॉफिट एंड गेन्स फ्रॉम बिजनेस ऑर प्रोफेशन) लाभ के तहत टैक्स लगा सकता है। दूसरी नौकरी के दौरान यात्रा और लैपटॉप आदि पर किए गए खर्च को व्यावसायिक खर्च माना जा सकता है, जिसे करदाता की आय से घटाया जा सकता है। शेष राशि पर टैक्स देना होगा।

विज्ञापन
There is no separate mention of moonlighting in the income tax law, Know the mathematics of tax liability
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मूनलाइटिंग यानी एक साथ दो जगह नौकरी करने को लेकर कई कंपनियां नरम रुख अपना रही हैं तो कई विरोध कर रही हैं। आयकर विभाग ने भी इस पर टैक्स को लेकर कर्मचारियों को चेतावनी दी है। यानी करदाता मूनलाइटिंग से अतिरिक्त कमाई करता है तो उसे इस पर भी टैक्स का भुगतान करना होगा। दरअसल, आयकर कानून में मूनलाइटिंग का अलग से कोई उल्लेख नहीं है। लेकिन, करदाता दूसरे नियोक्ता से वेतन या पेशेवर शुल्क के रूप में कमाई करता है तो अतिरिक्त आय पर टैक्स का भुगतान करना होगा।

विज्ञापन


टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि आयकर विभाग व्यापार या पेशेवर कमाई पर पीजीबीपी (प्रॉफिट एंड गेन्स फ्रॉम बिजनेस ऑर प्रोफेशन) लाभ के तहत टैक्स लगा सकता है। दूसरी नौकरी के दौरान यात्रा और लैपटॉप आदि पर किए गए खर्च को व्यावसायिक खर्च माना जा सकता है, जिसे करदाता की आय से घटाया जा सकता है। शेष राशि पर टैक्स देना होगा। अगर टैक्स 10,000 से अधिक है, तो 15 फीसदी, 45 फीसदी, 75 फीसदी और 100 फीसदी के हिसाब से चार किस्तों में अग्रिम टैक्स जमा करना होगा।
विज्ञापन


एक बार ही कर सकते हैं छूट का दावा
अगर दूसरी नौकरी आयकर कानून की धारा-44एडीए में सूचीबद्ध पेशे में शामिल है और कमाई 50 लाख से कम है तो करदाता के पास विकल्प होता है कि वह अपनी कमाई के सिर्फ 50 फीसदी राशि पर ही टैक्स का भुगतान करे। अगर टैक्स भुगतान में 50 फीसदी की फ्लैट छूट मिलती है तो टैक्स बचाने के लिए खर्च का सहारा नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मूनलाइटिंग से वेतन मिल रहा है तो रिटर्न में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ सकती है। दोनों नियोक्ता स्टैंडर्ड डिडक्शन के रूप में 50-50 हजार टीडीएस काट सकते हैं, जबकि करदाता सिर्फ एक बार ही स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम कर सकता है। इसके अलावा, दोनों नियोक्ता 80सी के तहत भी कटौती कर सकते हैं, जो 1.5 लाख से अधिक भी हो सकती है।


भरना पड़ सकता है अतिरिक्त कर और ब्याज
एक साथ दो नौकरी करने वालाें को आईटीआर भरते समय सावधानी बरतनी होगी। अतिरिक्त कमाई पर अतिरिक्त कर और ब्याज देना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए कुल कर की गणना करें। नियोक्ता की ओर से काटे टीडीएस को घटाएं और अतिरिक्त कमाई पर किस्तों में अग्रिम कर का भुगतान करें। -अर्चित गुप्ता, संस्थापक-सीईओ, क्लियर

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed