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TCS: 'यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों का समाधान वर्क फ्रॉम होम नहीं', टीसीएस चेयरमैन ने बताया निपटने का तरीका
Sat, 01 Jun 2024 06:21 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 01 Jun 2024 06:21 PM IST
सार
शुक्रवार को टीसीएस की वार्षिक आम बैठक में एक शेयरधारक की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यौन उत्पीड़न जैसे मामलों का सामधान वर्क फ्राम होम से नहीं बल्कि लोगों को शिक्षित करने से ही संभव है।
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एन चंद्रशेखरन
- फोटो : ANI
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विस्तार
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा कि यौन उत्पीड़न के मामलों से बचने के लिए घर से काम करना (वर्क फ्रॉम होम) कोई समाधान नहीं है। इसकी बजाय इस मामले में लोगों को शिक्षित करने की जरूरत है।
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वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान टीसीएस कर्मचारियों द्वारा रिपोर्ट की गई यौन उत्पीड़न की शिकायतों की कुल संख्या 110 रही जो पिछले वर्ष 49 थी।
हालांकि, आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि 2023-24 के आंकड़ों में कर्मचारियों की ओर से विश्व स्तर पर रिपोर्ट किए गए आंकड़े शामिल हैं जबकि 2022-23 के आंकड़े भारतीय परिचालन से जुड़े हैं।
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टीसीएस में 152 देशों के 6,01,546 कर्मचारी काम करते हैं, इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 35.6% है। शुक्रवार को कंपनी की वार्षिक आम बैठक में एक शेयरधारक की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में चंद्रशेखरन ने कहा कि टीसीएस जैसी बड़ी कंपनी में ऐसे मामलों की इतनी संख्या हो सकती है। आगे उन्होने कहा कि ऐसे मामलों का सामधान वर्क फ्राम होम से नहीं बल्कि लोगों को शिक्षित करने से ही संभव है।
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