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Tax Woes: दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस की बढ़ सकती है मुश्किल, GST अधिकारियों ने भेजा 32403 करोड़ रुपये का नोटिस
Wed, 31 Jul 2024 10:56 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Wed, 31 Jul 2024 10:56 PM IST
सार
जीएसटी अधिकारियों ने इंफोसिस को भेजे गए दस्तावेज में कहा है कि इंफोसिस लिमिटेड ने जुलाई 2017 से 2022 तक विदेशों में स्थित अपनी शाखाओं से सेवाएं लीं। इसलिए, कंपनी को 32,403 करोड़ रुपये का एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर का भुगतान करना होगा।
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इंफोसिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
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विस्तार
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों ने इंफोसिस को 32,403 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया है। यह नोटिस इंफोसिस को अपनी विदेशी शाखाओं से ली गई सेवाओं के लिए जारी किया गया। बताया गया है कि इंफोसिस ने वर्ष 2017 से अगले पांच वर्ष तक अपनी विदेशी शाखाओं से सेवा ली थी।
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इन खर्चों पर जीएसटी लागू नहीं होता- इंफोसिस
इंफोसिस ने एक स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस नोटिस को पूर्व में जारी किया गया कारण बताओ नोटिस करार दिया है। कंपनी का कहना है कि इन खर्चों पर जीएसटी लागू नहीं होता। बेंगलूरू स्थित सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी ने बताया कि कर्नाटक के जीएसटी अधिकारियों ने जुलाई 2017 से मार्च 2022 की अवधि के बीच इंफोसिस लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आगे बताया गया है कि इंफोसिस को अपनी विदेशी शाखाओं द्वारा ली गई सेवाओं के लिए यह नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में 32,403 करोड़ रुपये का जीएसटी भुगतान करने की बात कही गई है। कंपनी ने यह भी बताया कि इस पूर्व कारण बताओं नोटिस का जवाब दे दिया गया है।
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जीएसटी महानिदेशक की तरफ से भी मिला नोटिस
इंफोसिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि कंपनी को इसी मामले में जीएसटी इंटेलिजेंस के महानिदेशक (Director General of GST Intelligence) से भी एक कारण बताओ नोटिस मिला है। आगे बताया गया है कि जल्द ही इस नोटिस का भी जवाब दे दिया जाएगा। कंपनी का मानना है कि नियमों के अनुसार, अपनी विदेशी शाखाओं से सेवा लेने के दौरान होने वाले खर्चों पर जीएसटी लागू नहीं होता है। इंफोसिस ने कहा, ‘हाल ही में जीएसटी परिषद की सिफारिशों पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा एक परिपत्र जारी किया गया था। इसके अनुसार, विदेशी शाखाओं से ली जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी लागू नहीं होता।’
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इंफोसिस की तरफ से दिया गया तर्क
इसे लेकर इंफोसिस की तरफ से तर्क भी दिया गया है। कंपनी ने कहा कि इंफोसिस ने अपने सभी जीएसटी का भुगतान किया है। इसके अलावा, भुगतान के दौरान केंद्र और राज्य द्वारा जारी नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, जीएसटी अधिकारियों ने इंफोसिस को भेजे गए दस्तावेज में कहा है कि इंफोसिस लिमिटेड ने जुलाई 2017 से 2022 तक विदेशों में स्थित अपनी शाखाओं से सेवाएं लीं। इसलिए, कंपनी को 32,403.46 करोड़ रुपये का एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) का भुगतान करना होगा। जीएसटी इंटेलिजेंस निदेशालय का मानना है कि इंफोसिस ने सेवाओं के आयात पर प्राप्तकर्ता के रूप में आईजीएसटी का भुगतान नहीं किया।