Biz Updates: केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार से माल की खरीद पर जीएसटी में राहत, BAT ने आईटीसी में हिस्सेदारी बेची
Biz Updates: एमएचए ने बुधवार को एक बयान में कहा, कि यह निर्णय देश की आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बल कर्मियों की कड़ी मेहनत का सम्मान करने और सीएपीएफ व उनके परिवारों के कल्याण को अत्यधिक महत्व देने के लिए लिया गया था।
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गृह मंत्रालय (एमएचए) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), केंद्रीय पुलिस संगठनों और राज्य पुलिस बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए कल्याणकारी उपाय के रूप में केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार से सामानों की खरीद पर माल और सेवा कर (जीएसटी) पर 50 प्रतिशत की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावी होगा, एमएचए ने बुधवार को एक बयान में कहा, कि यह निर्णय देश की आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बल कर्मियों की कड़ी मेहनत का सम्मान करने और सीएपीएफ व उनके परिवारों के कल्याण को अत्यधिक महत्व देने के लिए लिया गया था।
बीएटी ने आईटीसी में 3.5% हिस्सेदारी 17,485 करोड़ रुपये में बेची
ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय कंपनी बैट (British American Tobacco) पीएलसी ने बुधवार को खुले बाजार में सौदों के जरिये आईटीसी लिमिटेड में 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी 17,485 करोड़ रुपये में बेच दी। हालांकि इस ब्लॉक डील के बाद भी बीएटी आईटीसी का एक महत्वपूर्ण शेयरधारक बना रहेगा और उसके पास एफएमसीजी से होटल समूह तक का कारोबार करने वाली कंपनी आईटीसी में 25.5 फीसदी की हिस्सेदारी होगी।
सिंगापुर सरकार, सिंगापुर की मौद्रिक प्राधिकरण, लॉकहीड मार्टिन कॉरपोरेशन, गोल्डमैन सैक्स (सिंगापुर), कॉप्थल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट, बोफा सिक्योरिटीज यूरोप एसए, सोसाइटी जेनेरेल, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर पीटीई और घिसालो मास्टर फंड एलपी ने आईटीसी में शेयर खरीदे हैं।
बीएटी ने अपनी संबद्ध कंपनी टोबैको मैन्युफैक्चरर्स (इंडिया) लिमिटेड के जरिये 48 किस्तों में 43.68 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर बेचे। बीएसई के पास उपलब्ध ब्लॉक डील डेटा के अनुसार, शेयरों की बिकवाली 400.25 रुपये प्रति शेयर के औसत मूल्य पर किया गया, जिससे सौदे का आकार 17,484.97 करोड़ रुपये हो गया।
2026 की शुरुआत तक असम में शुरू हो जाएगा सेमीकंडक्टर का उत्पादन, टाटा संस के चेयरमैन ये बोले
गुजरात और असम में एक नए सेमीकंडक्टर संयंत्र के उद्घाटन के मौके पर टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह को 2026 तक सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं को इस साल 29 फरवरी को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी और इनका कुल मूल्य 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
#WATCH | Tata Sons Chairman Natarajan Chandrasekaran says, "It is definitely a pivotal moment. It is a very important day. Semiconductor is fundamentally required for anything digital. So, it is very important for India to become a semiconductor nation. I am very glad that Tata… pic.twitter.com/IKEnlWbW0y
— ANI (@ANI) March 13, 2024
टाटा-पीएसएमसी चिप फाउंड्री के लिए प्रस्तावित निवेश 91,000 करोड़ रुपये, टाटा ओसैट सुविधा 27,000 करोड़ रुपये और सीजी पावर-रेनेसास 7,600 करोड़ रुपये है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (DSIR) में 91,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर निर्माण सुविधा और असम के मोरीगांव में 27,000 करोड़ रुपये की आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा स्थापित कर रही है।
उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए, टाटा संस के चेयरमैन ने कहा, "आज टाटा समूह के लिए एक विशेष दिन है। 2,500 किलोमीटर दूर धोलेरा और जागीरोड में हमारे प्रोजेक्ट्स के लिए आधारशिला रखी जा रही है। इन सेमीकंडक्टर संयंत्रों का पूरे देश पर स्थायी प्रभाव पड़ेगा। दुनिया भर से पारिस्थितिकी तंत्र भारत को अपने पसंदीदा सेमीकंडक्टर गंतव्य के रूप में देखेंगे।"
टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा कि कहते हैं, 'यह निश्चित रूप से एक निर्णायक क्षण है। यह बहुत महत्वपूर्ण दिन है। सेमीकंडक्टर मौलिक रूप से डिजिटल किसी भी चीज़ के लिए आवश्यक है। इसलिए, भारत के लिए सेमीकंडक्टर उत्पादक राष्ट्र बनना बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे बहुत खुशी है कि टाटा समूह असम में पहली सेमीकंडक्टर फैब और पहली स्वदेशी असेंबली इकाई स्थापित करने में सफल रहा है। असम में इससे बहुत सारी समृद्धि और बहुत सारी नौकरियां आएंगी। आमतौर पर एक फैब में 4 साल लगते हैं, हमारा लक्ष्य कैलेंडर वर्ष 2026 में चिप का उत्पादन करना है। हम 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में असम में पहला वाणिज्यिक उत्पादन कर सकते हैं।
अहमदाबाद में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एडीबी देगा 181 करोड़ डॉलर का ऋण
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) अहमदाबाद शहर के उपनगरीय क्षेत्रों में शहरी जीवन और यातायात सुविधाओं में सुधार के साथा बुनियादी ढांचे और सेवाओं के निर्माण के लिए 181 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण प्रदान करेगा। भारत सरकार और एडीबी के बीच बुधवार को यहां ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना शहरी गरीबों, महिलाओं और प्रवासी श्रमिकों को बेहतर शहरी सेवाओं और शहरी शासन के जरिए लाभान्वित करेगी।
बाजार में बुलबुले का संकेत नहीं : कोटक
दिग्गज बैंकर उदय कोटक ने बुधवार को कहा, शेयर बाजार में फिलहाल तेजी के बुलबुले का कोई संकेत नहीं है। किसी भी बड़ी दिक्कत को रोकने के लिए पर्याप्त अंकुश और संतुलन मौजूद हैं। उन्होंने माना कि बाजार में तेजी के बुलबुले की मौजूदगी रहती है, लेकिन अभी नियंत्रण में है। कोटक का यह बयान सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच के छोटे और मिड-कैप शेयरों में भारी तेजी पर चिंता जताने के बाद आया है।
एफएंडओ में खुदरा निवेशकों का आना चिंताजनक : सीईए
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा, तत्काल लाभ की तलाश में जोखिम भरे वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) खंड में खुदरा निवेशकों की भागीदारी चिंताजनक है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, टिकाऊ पूंजी निर्माण और आर्थिक वृद्धि के लिए सबसे बड़ा खतरा निवेशकों के नजरिये में ‘अल्पकालिकता’ का होना है। देश इस समय इस प्रवृत्ति की चपेट में है।