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'रिजर्व बैंक का रुख वृद्धि को समर्थन वाला, आगे चलकर बढ़ सकती हैं नीतिगत दरें'
भाषा, नई दिल्ली
Updated Fri, 05 Oct 2018 08:11 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों को 6.50 प्रतिशत पर कायम रखा है, जिससे पता चलता है कि उसका रुख वृद्धि को समर्थन वाला है। विशेषज्ञों ने शुक्रवार को यह राय जताई। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि रिजर्व बैंक की नीति से रुपये और ऋण बाजार को लघु अवधि में राहत मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञों ने आगे चलकर नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई वाली छह सदस्यीय मौद्रिक समिति ने नीतिगत रुख को तटस्थ से सधे तरीके से सख्ती वाला किया है। बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीनबंधु माहपात्रा ने कहा कि रिजर्व बैंक का नीतिगत रुख निकट भविष्य में वृद्धि को समर्थन वाला है।
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत पर सीमित रखने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही उसने वास्तविक अर्थव्यवस्था का ध्यान रखने की बात भी कही है। इससे रिजर्व बैंक के खुदरा मुद्रास्फीति पर रुख का पता चलता है।
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यस बैंक की समूह अध्यक्ष एवं मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा राव ने कहा कि रिजर्व बैंक का यथास्थिति का रुख हैरान करने वाला है। हालांकि इससे पता चलता है कि केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में अर्थव्यवस्था में वित्तीय स्थिरता को बहाल करने पर जोर दे रहा है।
आईसीआईसीआई बैंक के समूह कार्यकारी और वैश्विक बाजार प्रमुख बी प्रसन्ना ने कहा कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति के ऊपर जाने के जोखिम को पहचाना है और उसी के अनुरूप अपने रुख को तटस्थ से सधे तरीके से सख्त करने वाला किया है।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के प्रमुख अर्थशास्त्री सुनील कुमार सिन्हा ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने हालांकि मुद्रास्फीति के अनुमान को नीचे किया है लेकिन इस पर अनिश्चितता के कई बादल हैं और कई कारकों से इसके ऊपर की ओर जाने का जोखिम है। एचआरए प्रभाव और कच्चे तेल की कीमतों के ऊपर जाने की वजह से मुद्रास्फीति को लेकर अनिश्चितता है। इक्रा की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि मौद्रिक रुख में बदलाव उम्मीद के अनुरूप है लेकिन नीतिगत मोर्चे पर यथास्थिति को कायम रखने वाला हैरान करता है।
बंधन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर घोष ने कहा कि रिजर्व बैंक ने यथास्थिति कायम रखी है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उसने यह संकेत दिया है कि वित्तीय प्रणाली में नकदी की कमी नहीं होने दी जाएगी। सिरिल अमरचंद मंगलदास के प्रबंध भागीदार सिरिल श्राफ ने कहा कि रिजर्व बैंक के सधे तरीके से सख्ती के रुख से पता चलता है कि केंद्रीय बैंक का ध्यान भरोसा कायम करने और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने पर है।
टाटा कैपिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव सभरवाल ने कहा कि मध्यम अवधि में डॉलर के मुकाबले रुपया का प्रदर्शन विभिन्न वृहद आर्थिक नीतियों को प्रभावित करेगा। डेलायट इंडिया के लीड अर्थशास्त्री अनीस चक्रवर्ती ने कहा कि एमपीसी ने रेपो दर को यथावत रखकर देखो और इंतजार करो की नीति अपनाई है।
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रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई वाली छह सदस्यीय मौद्रिक समिति ने नीतिगत रुख को तटस्थ से सधे तरीके से सख्ती वाला किया है। बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीनबंधु माहपात्रा ने कहा कि रिजर्व बैंक का नीतिगत रुख निकट भविष्य में वृद्धि को समर्थन वाला है।
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उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत पर सीमित रखने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही उसने वास्तविक अर्थव्यवस्था का ध्यान रखने की बात भी कही है। इससे रिजर्व बैंक के खुदरा मुद्रास्फीति पर रुख का पता चलता है।
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यस बैंक की समूह अध्यक्ष एवं मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा राव ने कहा कि रिजर्व बैंक का यथास्थिति का रुख हैरान करने वाला है। हालांकि इससे पता चलता है कि केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में अर्थव्यवस्था में वित्तीय स्थिरता को बहाल करने पर जोर दे रहा है।
आईसीआईसीआई बैंक के समूह कार्यकारी और वैश्विक बाजार प्रमुख बी प्रसन्ना ने कहा कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति के ऊपर जाने के जोखिम को पहचाना है और उसी के अनुरूप अपने रुख को तटस्थ से सधे तरीके से सख्त करने वाला किया है।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के प्रमुख अर्थशास्त्री सुनील कुमार सिन्हा ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने हालांकि मुद्रास्फीति के अनुमान को नीचे किया है लेकिन इस पर अनिश्चितता के कई बादल हैं और कई कारकों से इसके ऊपर की ओर जाने का जोखिम है। एचआरए प्रभाव और कच्चे तेल की कीमतों के ऊपर जाने की वजह से मुद्रास्फीति को लेकर अनिश्चितता है। इक्रा की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि मौद्रिक रुख में बदलाव उम्मीद के अनुरूप है लेकिन नीतिगत मोर्चे पर यथास्थिति को कायम रखने वाला हैरान करता है।
बंधन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर घोष ने कहा कि रिजर्व बैंक ने यथास्थिति कायम रखी है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उसने यह संकेत दिया है कि वित्तीय प्रणाली में नकदी की कमी नहीं होने दी जाएगी। सिरिल अमरचंद मंगलदास के प्रबंध भागीदार सिरिल श्राफ ने कहा कि रिजर्व बैंक के सधे तरीके से सख्ती के रुख से पता चलता है कि केंद्रीय बैंक का ध्यान भरोसा कायम करने और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने पर है।
टाटा कैपिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव सभरवाल ने कहा कि मध्यम अवधि में डॉलर के मुकाबले रुपया का प्रदर्शन विभिन्न वृहद आर्थिक नीतियों को प्रभावित करेगा। डेलायट इंडिया के लीड अर्थशास्त्री अनीस चक्रवर्ती ने कहा कि एमपीसी ने रेपो दर को यथावत रखकर देखो और इंतजार करो की नीति अपनाई है।