Budget 2026: शेयर बाजार में भूचाल, F&O ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ने की खबर से सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, फिर संभले
केंद्रीय बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 2000 अंकों से ज्यादा टूटा और निफ्टी भी गिरकर 24,592.15 अंक पर आ गया। हालांकि बाद में बाजार संभलता हुआ दिखाई दिया।
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वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का एलान किया। इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और सेंसेक्स व निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 12:31 तक 2174.33 अंक गिरकर 80,095.45 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 748.50 अंक गिरकर 24,592.15 अंक पर आ गया। हालांकि बाद में बाजार संभलता हुआ दिखाई दिया।
एसटीटी को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत
वित्त मंत्री ने शेयर बाजार को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा के लिए बायबैक के टैक्स में परिवर्तन किया जाएगा।
इसके तहत दुरुपयोग रोकने के लिए देना पड़ेगा अतिरिक्त बायबैक कर। दुरुपयोग रोकने के लिए देना पड़ेगा अतिरिक्त बायबैक कर। सभी शेयरधारकों के बायबैक पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर का प्रस्ताव है। कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 22 प्रतिशत टैक्सेशन। गैर कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 30 प्रतिशत टैक्स लगाया गया। वायदा सौदों पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया गया। गैर कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 30 प्रतिशत टैक्स लगाया गया। वायदा सौदों पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया गया।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 10:39 बजे तक 255.96 अंक चढ़कर 82,525.74 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 56.60 अंक चढ़कर 25,377.25 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला 15.04 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 82,254.74 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 31.75 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 25,288.90 अंक पर आ गया।
विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का होगा आयोजन
एनएसई और बीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, बजट की अहमियत को देखते हुए 1 फरवरी को 'विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र' आयोजित किया जा गया। एक्सचेंजों का कहना है कि बजट में होने वाली बड़ी नीतिगत घोषणाओं पर बाजार को तत्काल प्रतिक्रिया देने का मौका मिलना चाहिए, इसलिए रविवार होने के बावजूद बाजार बंद नहीं रहेगा। आजाद भारत के इतिहास में इससे पहले केवल एक बार रविवार को भी शेयर बाजार में कारोबार हुआ था। 28 फरवरी 1999 को जब देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, उस समय रविवार के दिन भी घरेलू शेयर बाजार में कारोबार हुआ था।
क्यों लिया गया यह फैसला?
बाजार के जानकारों का मानना है कि बजट के दिन बाजार का खुला रहना बेहद जरूरी है। वित्त मंत्री का भाषण आमतौर पर सुबह 11 बजे शुरू होता है। इस दौरान राजकोषीय घाटे, टैक्स स्लैब और सेक्टर-विशिष्ट घोषणाएं सामने आती हैं।
रविवार को बाजार खोलने के पीछे तीन बड़े फायदे हैं:
1. तत्काल फैसला: निवेशक बजट के ऐलानों का असर तुरंत कीमतों पर देख सकेंगे और फैसला ले सकेंगे।
2. जोखिम प्रबंधन: अगर बाजार बंद रहता, तो निवेशकों को प्रतिक्रिया के लिए सोमवार तक का इंतजार करना पड़ता, जिससे अनिश्चितता बढ़ती। कल बाजार खुलने से निवेशक उसी दिन अपनी पोजीशन को मैनेज कर पाएंगे।
3. पारदर्शिता: छुट्टी के दिन बजट आने पर ऑफ-मार्केट सट्टेबाजी का डर रहता है, लाइव ट्रेडिंग से इसे नियंत्रित किया जा सकेगा।