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NITI Aayog: 'निवेश के लिहाज से बेहतर राज्यों की सूची दो महीने में जारी हो सकती है', नीति आयोग के सदस्य का बयान
Sun, 02 Mar 2025 03:47 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 02 Mar 2025 03:47 PM IST
सार
नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने कहा कि देश में रोजगार बढ़ा है, लेकिन बीते सात वर्षों में नौकरियों में सैलरी, महंगाई के अनुपात में नहीं बढ़ पाई है।
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विस्तार
नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने कहा है कि राज्यों में निवेश के लिहाज से क्या सुविधाएं हैं, इसे लेकर अच्छे से बुरे राज्यों की सूची अगले एक या दो महीने में जारी हो सकती है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में निवेश के लिहाज से बेहतर राज्यों की सूची जारी करने का एलान किया था ताकि गणराज्य में प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत किया जा सके। इस इंडेक्स का उद्देश्य राज्यों में ज्यादा से ज्यादा निजी निवेश को आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा पैदा करना है।
सूचकांक बनाने की तैयारी चल रही
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि फिलहाल वे 'राज्यों में निवेश अनुकूल सूचकांक' के पैरामीटर तय करने की दिशा में काम कर रहा है और इसके लिए नीति आयोग और उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने वाले विभाग (DPIIT) के साथ मिलकर काम कर रहा है। अब अरविंद विरमानी ने बताया है कि सूचकांक तैयार करने का पहला चरण पूरा हो चुका है औऱ दूसरे चरण का काम चल रहा है। उन्होंने सूचकांक जारी होने का सही समय तो नहीं बताया लेकिन कहा कि एक या दो महीने में इसे जारी किया जा सकता है।
रोजगार बढ़ा, लेकिन सैलरी नहीं- अरविंद विरमानी
नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने कहा कि देश में रोजगार बढ़ा है, लेकिन बीते सात वर्षों में नौकरियों में सैलरी, महंगाई के अनुपात में नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने कहा कि भारत के पास जनसंख्या के लिहाज से बड़ा अवसर और हमें इसका फायदा उठाने की जरूरत है, लेकिन इसके लिए शिक्षा और ट्रेनिंग की गुणवत्ता बेहतर करना बेहद जरूरी है। विरमानी ने कहा कि पीएलएफए डाटा के अनुसार, कामगार-जनसंख्या अनुपात बीते सात वर्षों में बढ़ा है। इसका मतलब है कि जनसंख्या वृद्धि के मुकाबले रोजगार की संख्या बढ़ी हैं।
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सूचकांक बनाने की तैयारी चल रही
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि फिलहाल वे 'राज्यों में निवेश अनुकूल सूचकांक' के पैरामीटर तय करने की दिशा में काम कर रहा है और इसके लिए नीति आयोग और उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने वाले विभाग (DPIIT) के साथ मिलकर काम कर रहा है। अब अरविंद विरमानी ने बताया है कि सूचकांक तैयार करने का पहला चरण पूरा हो चुका है औऱ दूसरे चरण का काम चल रहा है। उन्होंने सूचकांक जारी होने का सही समय तो नहीं बताया लेकिन कहा कि एक या दो महीने में इसे जारी किया जा सकता है।
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रोजगार बढ़ा, लेकिन सैलरी नहीं- अरविंद विरमानी
नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने कहा कि देश में रोजगार बढ़ा है, लेकिन बीते सात वर्षों में नौकरियों में सैलरी, महंगाई के अनुपात में नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने कहा कि भारत के पास जनसंख्या के लिहाज से बड़ा अवसर और हमें इसका फायदा उठाने की जरूरत है, लेकिन इसके लिए शिक्षा और ट्रेनिंग की गुणवत्ता बेहतर करना बेहद जरूरी है। विरमानी ने कहा कि पीएलएफए डाटा के अनुसार, कामगार-जनसंख्या अनुपात बीते सात वर्षों में बढ़ा है। इसका मतलब है कि जनसंख्या वृद्धि के मुकाबले रोजगार की संख्या बढ़ी हैं।
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