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उर्वरक विवाद: श्रीलंकाई बैंक ने चीनी कंपनी को 69 लाख डॉलर का भुगतान किया, जानें क्या है पूरा मामला
Fri, 07 Jan 2022 06:14 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Fri, 07 Jan 2022 06:14 PM IST
सार
श्रीलंका के एक शीर्ष सरकारी बैंक ने शुक्रवार को एक चीनी कंपनी को उसके उर्वरक शिपमेंट पर लंबे समय से चले आ रहे विवाद को निपटाने के लिए 69 लाख डॉलर का भुगतान किया है। इस शिपमेंट को कोलंबो द्वारा दूषित पाए जाने के बाद खारिज कर दिया गया था।
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बंदरगाह
विस्तार
श्रीलंका के एक शीर्ष सरकारी बैंक ने शुक्रवार को एक चीनी कंपनी को उसके उर्वरक शिपमेंट पर लंबे समय से चले आ रहे विवाद को निपटाने के लिए 69 लाख डॉलर का भुगतान किया है। इस शिपमेंट को कोलंबो द्वारा दूषित पाए जाने के बाद खारिज कर दिया गया था।
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वाणिज्यिक उच्च न्यायालय का आदेश भंग
कोलंबो वाणिज्यिक उच्च न्यायालय द्वारा आयातित उर्वरक के लिए किंगदाओ सीविन बायोटेक को भुगतान को रोकने के आदेश को भंग करने के बाद यह भुगतान किया गया है। इस संबंध में जारी रिपोर्ट के अनुसार, आदेश को इस आधार पर भंग कर दिया गया था कि चीनी कंपनी और श्रीलंका सरकार इस मुद्दे पर समझौता कर चुकी है। बीते दिनों श्रीलंका ने चीनी उर्वरक कंपनी की 20,000 टन उर्वरक की खेप को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि नेशनल प्लांट क्वारंटाइन सर्विस की जांच में वह उर्वरक दूषित पाया गया है। इसके बाद इस दूषित उर्वरक को श्रीलंका ने अपने बंदरगाहों पर उतारने की भी अनुमति नहीं दी थी।
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20 हजार टन उवर्रक की खेप रोकी थी
विवाद खड़ा होने के बाद किंगदाओ बंदरगाह से यह खेप लेकर आ रहे जहाज को सिंगापुर की ओर मोड़ दिया गया था। इसके साथ ही न्यायालय ने 29 अक्तूबर को श्रीलंका के पीपुल्स बैंक को भुगतान न करने के लिए प्रतिबंधित भी कर दिया। इसके बाद कोलंबो स्थित चीनी दूतावास ने श्रीलंका सरकार के इस कदम पर ऐतराज जताते हुए कहा था कि नमूने के दूषित पाए जाने की स्थिति में दोनों पक्षों को स्विस एसजीएस ग्रुप से दोबारा जांच करवानी चाहिए।
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