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Sri Lanka Crisis : श्रीलंका में दो महीने के भीतर सरकार ने तीसरी बार बढ़ायी पेट्रोल-डीजल की कीमत 

Sun, 26 Jun 2022 12:47 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Sun, 26 Jun 2022 12:47 PM IST
सार

संकट की इस घड़ी में श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय बाजारों से पेट्रोलियम पदार्थों की खरीदारी के लिए भारत की क्रेडिटलाइन का उपयोग कर रहा है। श्रीलंका सरकार ने इसे अपने देश के लिए लाइफलाइन बताया है। 

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Sri Lanka Crisis: Within two months in Sri Lanka, the government increased the price of petrol and diesel for the third time
श्रीलंका तेल संकट - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

आर्थिक संकट के बीच पेट्रोलियम पदार्थों की कमी से जूझ रहे पड़ोसी देश श्रीलंका में सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने की घोषणा कर दी है। पेट्रोल की कीमतों में 50 श्रीलंकाई रुपये जबकि डीजल में 60 श्रीलंकाई रुपयों की बढ़ोतरी की गयी है। आपको बता दें कि श्रीलंका में पिछले दो महीनों के दौरान तीसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी हैं। गौरतलब है कि श्रीलंका फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व यानी विदेशी मुद्रा भंडार की कमी के कारण दशकों के बाद अब तक के सबसे गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। देश में पेट्रोल, डीजल और गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुआ ताजा बदलाव श्रीलंका में रविवार की रात दो बजे के बाद से प्रभावी हो गया है। सरकार के स्वामित्व वाली खुदरा पेट्रोलियम पदार्थों की  विक्रेता कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन की ओर से इस बारे में घोषणा कर दी गयी है। लंका आईओसी ने भी इसी अनुपात में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। 
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इससे पहले श्रीलंका में बीते 24 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ाया गया था। उस समय, पेट्रोल की कीमतों में 24 प्रतिशत जबकि डीजल की कीमतों में 38 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ था। 19 अप्रैल के बाद से श्रीलंका में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है।
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आपको बता दें कि श्रीलंका 1948 में  स्वतंत्रत हुआ श्रीलंका पहली बार सबसे खराब आर्थिक संकट की दौर से गुजर रहा है। संकट की इस घड़ी में देश में जरूरी चीजों जैसे भोजन, दवाइयों, रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की भारी कमी हो गयी है। इन चीजों के लिए देश में हाहाकार मचा हुआ है।

आपको बता दें कि अप्रैल महीने में श्रीलंका यूएस बैंक हैमिल्टन रिजर्व श्रीलंकन बॉण्ड्स का धारक में अपने लोन चुकाने में असफल होने के बाद डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया था। उसके बाद अमेरिका के मैनहट्न की एक जिला अदालत में श्रीलंका पर अनुबंध को तोड़ने के आरोप लगाकर वाद दर्ज किया गया है। संकट की इस घड़ी में श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय बाजारों से पेट्रोलियम पदार्थों की खरीदारी के लिए भारत की क्रेडिटलाइन का उपयोग कर रहा है। श्रीलंका सरकार ने इसे अपने देश के लिए लाइफलाइन बताया है। 


आपको बता दें के श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे को देश में चल रहे आर्थिक संकट और उपद्रव के बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। महिंदा राजपक्षे के इस्तीफा देने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसंघे को प्रधानमंत्री की कुर्सी सौंपकर उन्हें देश को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी दी गयी है।  

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