Air India Express: बीमारी का हवाला देकर घर बैठे चालक दल के सदस्य, एयर इंडिया एक्सप्रेस की कई उड़ानें रद्द
Air India Express cancellations: सूत्रों ने बुधवार को बताया कि सोमवार शाम से ही चालक दल के कई सदस्य बीमार होने की जानकारी दे रहे थे। इसी के चलते चालक दल के सदस्यों की संख्या में कमी आ गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एयर इंडिया एक्सप्रेस लगातार विवादों में बना हुआ है। जहां कुछ दिन पहले टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन के चालक दल के सदस्यों ने एयरलाइन में कुप्रबंधन का आरोप लगाया था। वहीं, अब सूत्रों की मानें तो एयर इंडिया एक्सप्रेस ने चालक दल की कमी के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी हैं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की 80 से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, एयरलाइन के चालक दल के सदस्य बड़े पैमाने पर बीमारी का हवाला देकर छुट्टी पर चले गए हैं। ऐसे में ये उड़ाने रद्द की गईं हैं। नागरिक विमानन अधिकारी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं।
बता दें, टाटा समूह की इकाई एयर इंडिया एक्सप्रेस, एआईएक्स कनेक्ट (पूर्व में एयरएशिया इंडिया) का खुद में विलय करने की प्रक्रिया में है। इसी को लेकर, पिछले कुछ समय से इस एयरलाइन के चालक दल के सदस्यों में गुस्सा बना हुआ है।
कई सदस्य बीमार हुए
सूत्रों ने बुधवार को बताया कि माना जा रहा है कि एयरलाइन में कथित कुप्रबंधन के विरोध में चालक दल के 200 से अधिक सदस्यों ने बीमार होने का हवाला दिया है। चालक दल के सदस्यों की कमी के कारण मंगलवार रात से कम से कम 80 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं और कई उड़ानों में देरी हुई है। वहीं, कोच्चि, कालीकट व बंगलूरू समेत विभिन्न हवाई अड्डों पर उड़ानों में बाधा आ रही है।
बता दें, मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू हुए गर्मियों के शेड्यूल के अनुसार एयर इंडिया एक्सप्रेस को हर दिन 360 उड़ानें भरनी हैं।
300 कर्मचारियों ने दी थी शिकायत
पिछले महीने एयर इंडिया एक्सप्रेस के चालक दल के एक समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले एक कर्मचारी यूनियन ने एयरलाइन में कुप्रबंधन का आरोप लगाया था। इनका कहना था की कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। यूनियन ने दावा किया था कि उनके पास लगभग 300 कर्मचारियों की यह शिकायतें आई हैं। मैनेजमेंट के बुरे बर्ताव से कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
सोशल मीडिया पर यात्रियों का निकला गुस्सा
कई यात्रियों ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अचानक उड़ानें रद्द होने की शिकायत की। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक यात्री की ओर से की गई पोस्ट में माफी मांगी थी। एयरलाइन ने कहा, 'हमारी सर्विस रिकवरी प्रोसेस के तहत आप या तो अगले सात दिन में फ्लाइट को रीशेड्यूल करने का विकल्प चुन सकते हैं या हमारे चैट बॉट टिया के जरिए पैसे वापसी का अनुरोध कर सकते हैं।'
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने दी यह सफाई
इस मामले में एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सफाई दी है। उन्होंने कहा, 'हमारे चालक दल के सदस्यों के एक समूह ने कल रात अचानक बीमार होने की जानकारी दी, जिसके कारण उड़ानों में देरी हुई और उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि, हम चालक दलों के ऐसा करने के पीछे की वजह जानने के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं। हमारी टीमें इस मुद्दे को सक्रिय रूप से देख रही हैं ताकि यात्रियों को होने वाली किसी भी असुविधा को कम किया जा सके। हम अचानक उड़ानें रद्द करने के लिए माफी मांगते हैं और इस बात पर जोर देते हैं कि यह स्थिति उस सेवा के मानक को नहीं दर्शाती है जिसे हम प्रदान करने का प्रयास करते हैं।'
प्रवक्ता ने आगे कहा, 'उड़ानों के रद्द होने से प्रभावित लोगों को किसी अन्य दिन में फ्लाइट को रीशेड्यूल करने का विकल्प चुन सकते हैं या हमारे चैट बॉट टिया के जरिए पैसे वापसी का अनुरोध कर सकते हैं। आज हमारे साथ उड़ान भरने वाले मेहमानों से अनुरोध है कि हवाई अड्डे पर जाने से पहले जांच लें कि उनकी उड़ान प्रभावित है या नहीं।'
विस्तारा एयरलाइन के संचालन में क्या परेशानी आई थी?
इससे पहले अप्रैल में टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन विस्तारा एयरलाइन को पायलट्स के असंतोष से जुड़े व्यवधानों का सामना करना पड़ा था। उस दौरान 150 से अधिक उड़ानें रद्द की गई थीं। पायलट्स के सामूहिक बीमारी की बात कह कर छुट्टी पर चले जाने से कई उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ था।
सप्ताहांत में स्थिति और खराब हो गई थी जिसके कारण सोमवार को लगभग 80 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 90 उड़ानों में देरी हुई। उसके बाद मंगलवार को भी कई उड़ान रद्द किए गए थे। जानकारों के अनुसार, ऐसी परिस्थिति बनने के मध्य में एयरलाइन का एचआर विभाग था, जिससे पायलट्स और केबिन क्रू सदस्य असंतुष्ट थे।
विस्तारा के एयर इंडिया के साथ विलय से पहले जिस वेतन संरचना की बात कही गई उसके अनुसार प्रति माह केवल 40 उड़ान घंटों के लिए भुगतान की गारंटी दी गई है, यह पहले 70 घंटे था। एयरलाइन के कई अधिकारियों को आशंका है कि यह परिवर्तन उनके टेक-होम वेतन को काफी हद तक कम कर सकता है।
पायलट्स असंतोष के जवाब में विस्तारा के प्रबंधन ने एक अल्टीमेटम जारी किया, जिसमें पायलटों को नए वेतन ढांचे को स्वीकार करने या फिर विलय के बाद एयर इंडिया के साथ काम करने का मौका और इसके लिए मिलने वाली एकमुश्त भुगतान छोड़ने की बात कही गई। इस अल्टीमेटम के बाद हालात और बिगड़ गए और ज्यादातर पायलट बीमारी की बात कहकर छुट्टी पर जाने लगे। पायलटों ने एयर इंडिया के साथ विलय के बाद अपने वेतन और अपने करियर की प्रगति के बारे में चिंता जाहिर की। कुछ पायलट कंपनी की रोस्टरिंग प्रथाओं से नाखुश थे, उन्होंने दावा किया है कि उनके कार्य और निजी जीवन के संतुलन को एयरलाइन गंभीरता से प्रभावित कर रहा है। एयर इंडिया के साथ विस्तारा का विलय अगले साल पूरा होने की उम्मीद है।